महोली। नगर पंचायत में तैनात एक लिपिक पर आउटसोर्सिंग कर्मचारी ने नौकरी से निकालने की धमकी देकर तीन साल तक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया था। बुधवार को पुलिस ने आरोपी लिपिक को गिरफ्तार कर लिया। उधर, कर्मचारियों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पीड़िता के अनुसार लिपिक ने उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी देकर पिछले लगभग तीन वर्षों से शोषण किया। पीड़िता ने पुलिस को व्हाट्सएप पर हुई चैटिंग के स्क्रीनशॉट भी सौंपे हैं। इसमें लिपिक पर युवती को कार्यालय की छत पर मिलने का दबाव बनाने का आरोप है।
वहीं, इस घटना के विरोध में मंगलवार को नगर पंचायत के अन्य कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल कर दी थी। अधिशासी अधिकारी रामकृष्ण वर्मा के नेतृत्व में कर्मचारी उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। वहां से क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचकर कर्मचारियों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए अपने सहकर्मी लिपिक के समर्थन में आवाज उठाई थी।
उनका तर्क था कि कुछ दिनों पहले कार्यालय में कूड़ा हटाने को लेकर उनके साथ अभद्रता हुई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इंस्पेक्टर जेबी पांडेय ने बताया कि पीड़िता का 10 जून को एक कर्मचारी से विवाद हुआ था। इसके बाद उसे कार्यमुक्त किया गया था।
27 जुलाई को पीड़िता ने लिपिक रवि शंकर गुप्ता के विरुद्ध शिकायत की थी। बुधवार को आरोपी को महोली कस्बे के स्टेशन रोड से गिरफ्तार किया गया।