सीतापुर। गैंगेस्टर मुजीब अहमद और उसके भाइयों की संपत्ति जब्तीकरण की शनिवार से चल रही कार्रवाई रविवार तक जारी रही। अब तक की जांच में पुलिस व प्रशासनिक टीम ने 50 नहीं बल्कि 75 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। पुलिस ने जब्त की गई संपत्ति पर रविवार को बोर्ड भी लगा दिए हैं।
रविवार दोपहर से शाम तक पुलिस व प्रशासनिक टीम शहर के बटसगंज से लेकर महोली, एलिया व रामकोट क्षेत्रों में जब्त की गई संपत्ति पर बोर्ड लगाने की प्रक्रिया पूरी करती रही। कोतवाली टीपी सिंह ने 30 दिसंबर को शहर के बटसगंज निवासी मुजीब अहमद, उसके भाई अहमद हुसैन उर्फ छन्नू व एखलाक अहमद उर्फ हसीन के खिलाफ रंगदारी मांगने का एक केस दर्ज करने के बाद इन लोगों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी।
जिसके बाद इस डीएम विशाल भारद्वाज व एसपी आरपी सिंह के निर्देश पर इन गैंगेस्टर्स द्वारा अपराध से अर्जित की गई संपत्ति का पता लगाया गया। इसके बाद शनिवार से इन लोगों की अपराध से अर्जित संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई थी।
एएसपी डॉ. राजीव दीक्षित, सिटी मजिस्ट्रेट शिशिर कुमार, एसडीएम अमित भट्ट, सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह, ईओ गुरु प्रसाद पांडेय, शहर कोतवाल टीपी सिंह सहित भारी पुलिस फोर्स ने संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई शुरू की थी। जब्त की गई संपत्ति के बारे में प्रशासन ने 50 करोड़ की संपत्ति जब्त करने की बात कही थी, लेकिन रविवार तक मुकम्मल हुई इस कार्रवाई तीन गैंगेस्टर भाइयों की जब्त की गई संपत्ति करीब 75 करोड़ की आंकी गई है।
पुलिस के मुताबिक जब्त की गई यह संपत्ति इन लोगों ने सरकारी जमीनों पर कब्जा, मादक पदार्थों की तस्करी, दुकानों से अवैध वसूली व वाहन स्टैंड संचालित कर बनाई थी। पुलिस के मुताबिक जब्त की गई संपत्ति में 9.035 हेक्टेयर जमीन, नगर पालिका की 4 दुकान, 22 भवन, दो ईंट भट्ठे, 4 लग्जरी वाहन गैंगेस्टर एक्ट 1986 के तहत जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तारी के लिए लगी हैं चार टीमें
गैंगेस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने मुजीब के भाई एखलाक अहमद उर्फ हसीन को रविवार को ही पकड़ लिया था, लेकिन अभी तक मुजीब अहमद व अहमद हुसैन उर्फ छन्नू पुलिस को नहीं मिले हैं।
पुलिस ने इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाई हैं। सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह का कहना है कि शहर कोतवाली पुलिस की दो टीमों के अलावा क्राइम ब्रांच व सर्विलांस टीम को भी मुजीब व छन्नू की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है।