सीतापुर। जिले में बाघ की मौजूदगी के बीच तेंदुए व एक अज्ञात जंगली जानवर की आमद ने वन विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसके साथ ही आम लोगों के लिए खतरा भी बढ़ गया है। रविवार को बाघ के पगचिह्न नहीं मिले हैं।
औरंगाबाद प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के अरबगंज निवासी लाला अपने खेत गया था। रास्ते में परसपुर गांव के पूरब उसकी नजर तेंदुए पर पड़ी। तेंदुआ देख उसके होश उड़ गए और वह भाग खड़ा हुआ। गांव में उसने यह बात बताई। फिर डायल 112 व वन विभाग को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंचकर वन विभाग की टीम ने कांबिंग की। लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। परसपुर,अरबगंज, रहिमाबाद, चौपारिया, भैरमपुर, शेखपुर, औरंगाबाद, संभोल, बीबीपुर आदि गांवों के किसान खौफ के कारण दिनभर खेतों पर नहीं गए। रेंजर मिश्रिख शिव नारायण शुक्ला ने बताया कि खेत में मिले पगचिह्न तेंदुए के हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है।
सदरपुर प्रतिनिधि के अनुसार दूसरे दिन रविवार को लोखरिया निवासी रामू वर्मा के खेत से कमलेश के खेत तक और भयापुर में ईदगाह के आसपास अज्ञात जंगली जानवर के पगचिह्न मिलने से इलाके में दहशत बनी हुई है। डिप्टी रेंजर समर सिंह एवं वनरक्षक जय प्रकाश ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर कांबिंग की।
काफी खोजबीन के बाद भी जंगली जानवर का कहीं कोई पता नहीं चल सका। रेंजर ने ग्रामीणों को अकेले खेतों की ओर न जाने, अपने बच्चों को घरों में रखने व घरों से बाहर अलाव जलाए रखने की सलाह दी है।