सीतापुर। जिले के किसान अब आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर अपनी आय दोगुनी करने में जुटे हैं। कृषि विभाग के सहयोग से जिले के 5,250 किसान 3,750 हेक्टेयर क्षेत्र में सह-फसली खेती (एक साथ दो फसलें) कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों के मार्गदर्शन में किए जा रहे इस प्रयोग के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं।
अक्तूबर में जिन किसानों ने गन्ने के साथ सरसों की बोआई की थी, उनके खेतों में अब सरसों के फूल लहलहाने लगे हैं। रेउसा ब्लॉक के ऑर्गेनिक विलेज सिकौहा के प्रगतिशील किसान श्वेतांक त्रिपाठी, श्रीकांत और राजीव ने बताया कि उन्होंने मसूर और सरसों की सह-फसली खेती की है। श्वेतांक के अनुसार केवीके कटिया द्वारा काली सरसों का बीज निशुल्क दिया गया था, जिसकी फसल 15-20 दिनों में तैयार हो जाएगी, जबकि मसूर की कटाई मार्च-अप्रैल में होगी।
पिसावां ब्लॉक के ग्राम भुड़िया कचरा के किसान राजेश कुमार सिंह भी आधे हेक्टेयर में गन्ने के साथ सरसों उगा रहे हैं। उनकी फसल का निरीक्षण करने पहुंचे उप कृषि निदेशक डॉ. एसके सिंह और जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने फसल की गुणवत्ता की सराहना की। इस दौरान कृषि विभाग की टीम ने किसानों को तकनीकी सुझाव भी दिए।