आस्था को धर्म व जाति के बंधनों में बांधकर नहीं रखा जा सकता है। ये आस्था ही तो है कि लखनऊ का एक मुस्लिम परिवार कमलापुर में मां मोहोठे रानी के दरबार जा पहुंचा। पूरा परिवार लखनऊ से मां के दरबार पहुंचा और यहां भजन कीर्तन में शामिल हुआ।
इसके बाद परिवार की महिलाओं ने मंत्रों के बीच मां मोहोठे रानी की पूजा अर्चना की और शिवलिंग का दूध से अभिषेक कर माथा टेका। लखनऊ के चौक निवासी अरशद वारिस का परिवार मंगलवार को कमलापुर स्थित मोहोठे रानी मंदिर पहुंचा।
मंदिर में मुस्लिम परिवार को देख हर कोई हैरत में था। लोगों ने सोचा कि परिवार मेला घूमने आया होगा, लेकिन जब अरशद के परिवार के सदस्यों ने हिंदू रीति रिवाज की तरह मिट्टी के मटके में माल पुआ भरा और मंत्रोच्चारण के साथ मंदिर में प्रवेश किया तो हर कोई उन्हें अचरज भरी नजरों से देखने लगा।
वारिस के परिवार ने भक्ति भाव से मां मोहोठे रानी की पूजा की, मठकी का माल पुआ चढ़ाया और शिवलिंग पर दूध से अभिषेक किया। अरशद की पत्नी सालिया ने पूजा करने के साथ अपने पति की लंबी उम्र की दुआएं मांगी।
सालिया ने बताया कि इस स्थान को लेकर हमारी आस्था है। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। हमारे लिए कोई धर्म छोटा व बड़ा नहीं है। मैं लंबे समय से यहां आती हूं और पूजा अर्चना करती हूं। इस दौरान पति की लंबी उम्र की दुआ तो करती ही हूं।
वहीं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि वह सभी को सद्बुद्धि दे और सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहे। भद्रकाली सेवा समिति के अध्यक्ष धनंजय मिश्र शास्त्री ने कहा कि इस परिवार ने धर्म के ठेकेदारों को आइना दिखाने का काम किया है।