आस्था को धर्म की बंदिशों में बांध कर नहीं रखा जा सकता है। हरदोई के एक मुस्लिम परिवार ने ऐसी ही कुछ मिसाल पेश की है। मुस्लिम परिवार शुक्रवार को नैमिष में मां ललिता देवी के दरबार पहुंचा और मां के चरणों में माथा टेकने के बाद अपनी बच्ची का मुंडन संस्कार कराया। मंदिर में दर्शन के लिए आए अन्य लोग भी मुस्लिम परिवार की भक्ति देख शीश नवा रहे थे।
हरदोई जिले के बेहटा गोकुल कस्बा निवासी गिल्लू पुत्र शेर अली शुक्रवार को अपने परिवार के साथ माता ललिता देवी के दरबार में पहुंचा। यहां पर गिल्लू ने परिवार के साथ पहले माता के दर्शन किए और फिर प्रसाद चढ़ाया।
जिसके बाद वह मंदिर के उस स्थान पर पहुंचा, जहां पर मुंडन संस्कार की रस्म होती है। यहां पर पूजा अर्चना के साथ गिल्लू ने हिंदू रीति रिवाज से अपनी पुत्री मुस्कान का मुंडन संस्कार कराया। खुशी के इस पल में गिल्लू के परिवार के कई सदस्य भी मौजूद थे।
गिल्लू ने बताया कि वह माता की ख्याति लंबे समय से सुनते आ रहा है। मां के चरणों में माथा टेकने के लिए मैं व मेरा परिवार बेताब था। परिवार का कहना था कि नवरात्र का अवसर बेहद पावन है। इस वजह से नवरात्र में यहां मुंडन संस्कार कराने चला आया। गिल्लू का कहना था कि इस दरबार से मेरी व मेरे परिवार की आस्था जुड़ी हुई है। इसलिए वह यहां पर आया है।