सकरन (सीतापुर)। एक युवक ने मंगलवार को अपने पांच वर्षीय भतीजे की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव को रस्सी के सहारे पेड़ पर फंदे से लटका दिया। कुछ देर बाद उसी रस्सी के सहारे खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। ग्रामीण आरोपी चाचा को मानसिक बीमार बता रहे हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
अधवारी गांव निवासी अजय कुमार चौहान (30) मंगलवार सुबह करीब नौ बजे अपने भाई कपिल के पुत्र अनुराग (5) को साथ लेकर घर से लेकर निकला था। ग्रामीणों के मुताबिक अजय मासूम को गांव स्थित अपने खेत की ओर गया था। वहां बाग में अनुराग की गला दबाकर हत्या कर दी। फिर रस्सी का फंदा बनाकर शव को आम के पेड़ से लटका दिया। कुछ देर बाद खुद भी उसी रस्सी के दूसरे सिरे से फंदा बनाकर उसी पेड़ से लटककर फांसी लगा ली।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पेड़ से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ बिसवां सतीश शुक्ला ने बताया कि परिजनों ने यह पुष्टि की है कि अजय अपने भतीजे को साथ लेकर गया था। ग्रामीणों ने भी अजय को मासूम संग जाते देखा था। थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि अजय गुब्बारा दिलाने के बाद भतीजे काे लेकर गया था। फिर बाग में उसने वारदात को अंजाम दिया।
भतीजा था दुलारा तो क्यों दी दर्दनाक मौत
ग्रामीणों की मानें तो अजय अपने भतीजे अनुराग को सबसे ज्यादा दुलार करता था। चाचा के साथ ही भतीजा अनुराग रहता था। जब ग्रामीणों को घटना के बारे में पता चला तो वह सन्न रह गए। कोई सोच भी नहीं सकता था कि अपने दुलारे भतीजे के साथ अजय ऐसी वारदात कर सकता है।
सात बीघा थी खेती, संयुक्त परिवार में रहते थे तीनों भाई
परिजनों के मुताबिक अजय, छोटेलाल व कपिल तीनों सगे भाई हैं। परिवार में सात बीघा खेती है। जिसे छोटेलाल व कपिल संभालते थे। सभी संयुक्त परिवार में रहते थे। बताया कि कपिल के एक बेटा अभिषेक (3) है।
घटनास्थल पर नहीं मिले संघर्ष के निशान
थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि घटनास्थल की काफी गहनता से जांच की गई है। ग्रामीणों के बयान के मुताबिक उसका चाचा ही मासूम को साथ लेकर खेत की तरफ गया था। घटनास्थल पर संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। दोनों के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं।