सीतापुर। महमूदाबाद के सुखराम हत्याकांड का बृहस्पतिवार को पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने मौसेरे भाइयों को फंसाने के लिए दोस्त की हत्या की थी। दरअसल, आरोपी की भाभी उसके एक मौसेरे भाई के साथ रहती थी। इस बात से वह मौसेरे भाइयों से रंजिश मानता था।
एसएसपी (दक्षिणी) दुर्गेश सिंह ने बताया कि 25 जून को महमूदाबाद में मोलहेपुर गांव के पास चकमार्ग पर अधेड़ का शव मिला था। उसकी पहचान मछरेहटा के गढ़ी बिजुआमऊ निवासी सुखराम के रूप में हुई थी।
मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जिसमें रामपुरकलां के ममरखापुर गांव निवासी प्रकाश को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने बताया कि उसका मौसेरा भाई पप्पू उसकी भाभी को अपने साथ रखता था। जबकि आरोपी प्रकाश खुद अपनी भाभी को बतौर पत्नी साथ रखना चाहता था। इसी को लेकर पप्पू से प्रकाश का विवाद था। इस वजह से प्रकाश ने पप्पू और उसके सगे भाई प्रेम को जेल भिजवाने के लिए साजिश रची।
इसके तहत प्रकाश ने लखनऊ में साथ मजदूरी करने वाले सुखराम को मोहरा बनाया। वह सुखराम को महमूदाबाद लेकर आया। 24 जून की रात मोलहेपुर के पास चकमार्ग पर यूकेलिप्टस की झाड़ियों के पास उसने सुखराम को अत्यधिक शराब पिलाई। जब वह नशे में धुत होकर सो गया तो प्रकाश ने बोरे से चाकू निकालकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद वह चाकू व एक कागज झाड़ियों में छिपाकर भाग गया था, ताकि उसके विरोधी पप्पू व प्रेम पर आरोप मढ़ा जा सके। आरोपी प्रकाश के पास से चाकू व 760 रुपये नकद बरामद हुए हैं। उसे जेल भेज दिया गया है।