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रिटायर्ड शिक्षक की हत्या में शिष्य समेत तीन गिरफ्तार

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सीतापुर। महोली के रिटायर्ड शिक्षक कमलेश मिश्रा हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही करने का दावा किया है। एसपी आरपी सिंह के निर्देश में खुलासे के लिए लगी पुलिस की 5 टीमों ने न सिर्फ कमलेश के हत्यारों को खोज निकाला, बल्कि वारदात की असली वजह का भी खुलासा कर दिया। तांत्रिक कमलेश द्वारा एक महिला की संतान प्राप्ति के लिए की गई पूजा हत्या की वजह बन गई। पुलिस ने इस मामले में तांत्रिक के शिष्य व उसकी महिला रिश्तेदार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हत्यारोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तमंचा भी बरामद कर लिया है।
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रविवार को पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में इस घटना का खुलासा करते हुए बताया कि कमलेश चंद्र मिश्रा बड़ा तांत्रिक था। शनिवार को उसकी हत्या के बाद जब पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो महोली कस्बे के शुक्लन टोला निवासी मुकेश शुक्ला का नाम सामने आया। उसको हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो परत दर परत पूरा मामला खुलता चला गया।
एसपी आरपी सिंह ने बताया कि मुकेश शुक्ला की मौसी शालू पत्नी अखिलेश उसी मोहल्ले शुक्लन टोला की रहने वाली है। शालू की बेटी महोली क्षेत्र के भीरिया गांव निवासी अंकुल मिश्रा को ब्याही गई है। अंकुल के संतान नहीं थी। इस पर मृतक कमलेश चंद्र मिश्रा का शिष्य मुकेश अपनी मौसी शालू को तांत्रिक कमलेश के पास ले गया। इसके बाद तांत्रिक कमलेश ने शालू की पुत्री व (अंकुल की पत्नी) के साथ तंत्र विद्या की, लेकिन शालू की पुत्री को कोई संतान नहीं हुई। दो वर्ष बीत जाने के बाद भी जब शालू की पुत्री को कोई संतान नहीं हुई तो इसी से नाराज होकर अंकुल ने तांत्रिक कमलेश की हत्या करने की मंशा बना ली।
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एसपी ने बताया कि उसने कमलेश के शिष्य मुकेश शुक्ला को भी अंकुल ने हत्या के लिए प्रेरित किया। क्योंकि अंकुल मानता था जो कुछ भी उसकी पत्नी के साथ हुआ है वह मुकेश की वजह से ही हुआ है। आपराधिक किस्म के अंकुल के दबाव में आकर मुकेश इस घटना को अंजाम देने को तैयार हो गया। उसी ने कमलेश को पहले गोली मारी कर व चाकू से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में मुकेश शुक्ला, अंकुल मिश्रा व शालू पत्नी अखिलेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस पूरे खुलासे में लगाई गई पांच टीमों का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी डॉ. राजीव दीक्षित स्वयं कर रहे थे।
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