सीतापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र में विवाहिता की मौत के मामले में पुलिस 10 दिन से हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। मामले में मृतका के मायके पक्ष ने सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई तो वहां से हुई सख्ती के बाद पुलिस ने शुक्रवार को दोपहर में मृतका के ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।
इसके बाद विवेचना शुरू करते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी तो पता चला कि विवाहिता की डूबने से मौत हुई है और उसके शरीर पर चोट के निशान भी नहीं मिले हैं। इसके बाद शाम को पुलिस को मुकदमे की धारा बदलनी पड़ी। आरोपियों पर आत्महत्या के उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है।
शहर के मोहल्ला दुर्गापुरवा निवासी बीनू का शव 13 जनवरी को गोपालादास घाट के पास सरायन नदी में उतराता मिला था। हरगांव के गांव पकरिया मजरा बरोसा निवासी पिता सुरेश कुमार के मुताबिक, बीनू ने दुर्गापुरवा निवासी गोलू के साथ अपनी मर्जी से विवाह किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद से बीनू को गोलू के पिता श्याम लाल, माता, बड़ा भाई विनोद व छोटू, प्रमोद व रिंकू परेशान कर रहे थे। गत छह जनवरी को बीनू को पुत्री हुई तो आरोपीगण उसे और प्रताड़ित करने लगे। 13 जनवरी को बीनू की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया।
उन्होंने उसी दिन पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। शहर कोतवाल अनूप शुक्ला ने बताया कि मुकदमे को आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में तरमीम कर विवेचना की जा रही है।