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Sitapur News: रम्पा महल, लाल कपड़ा व रानी कोठी कब्जे में लेगी पालिका, नोटिस जारी

Sat, 10 Jan 2026 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर में बना रंपा टॉकीज। - फोटो : गुनगुनी धूप में पार्क में मस्ती करते बच्चे।
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सीतापुर। नगर पालिका प्रशासन ने शहर में नजूल भूमि पर बनी तीन ऐतिहासिक इमारतों को अपने कब्जे में लेने की कवायद शुरू कर दी है। रम्पा महल, लाल कपड़ा कोठी और रानी कोठी पर काबिज सात लोगों को नोटिस जारी किया गया है। इन सभी से 15 दिनों में कब्जा छोड़ने को कहा गया है। इसके बाद पालिका ने इमारतें खाली कराने की कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है।
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नगर पालिका प्रशासन ने नजूल भूमि पर किए गए अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। टाउन हॉल के बाद अब शहर की तीन ऐतिहासिक इमारतों रम्पा महल, लाल कपड़ा कोठी व रानी कोठी को कब्जा मुक्त कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए पांच कब्जेदारों को नोटिस जारी किया गययाहै। अधिशासी अधिकारी ने नोटिस में कहा है कि नजूल भूखंड संख्या-1310 पर लाल कपड़ा कोठी बनी है।
जिलाधिकारी के 31 जनवरी 2019 के आदेश द्वारा यह संपत्ति राज्य सरकार के नियंत्रण में निहित की जा चुकी है। इसके बाद भी भवन खाली न करने को अवैध कब्जा माना गया है। इसी तरह रम्पा महल नजूल भूखंड संख्या- 33/2 व 33/6 के अंश भाग पर निर्मित है। नजूल भूखंड संख्या-1568 पर रानी कोठी बनी है। सभी कब्जेदारों को नोटिस मिलने के 15 दिन के अंदर इमारतें खाली करने को कहा गया है। अधिशासी अधिकारी वैभव त्रिपाठी ने बताया कि तय समय में भवन खाली नहीं करने पर पालिका इन्हें खाली कराएगी। इस प्रक्रिया में होने वाले खर्च की वसूली संबंधित कब्जेदारों से की जाएगी।
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इन्हें जारी किया गया नोटिस
रम्पा महल खाली करने के लिए मनोरमा शुक्ला, लाल कपड़ा कोठी खाली करने के लिए गरिमा गुप्ता, श्याम प्रकाश व केदार प्रसाद तथा रानी कोठी खाली करने के लिए राजेंद्र कुमारी, लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रम शर्मा व मधुलिका त्रिपाठी को नोटिस दिया गया है।



रम्पा महल में आए थे पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू
मशहूर गेम शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के सवालों में जगह बनाने वाला सीतापुर शहर का ऐतिहासिक रम्पा सिनेमा हाल (रम्पा महल) अलग पहचान रखता है। यह देश का इकलौता ऐसा टॉकिज था, जिसमें छत के रूप में स्लेब पड़ी हुई है। इसकी यही खासियत इसे विशिष्टता प्रदान करती है। राजा सोमेश्वर दत्त शुक्ला ने 1935 में अपनी रानी रम्पा देवी की याद में रम्पा महल का निर्माण कराया था। इसमें कांग्रेस का ऑल इंडिया अधिवेशन भी हो चुका है। तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. पंडित जवाहर लाल नेहरू भी शामिल हुए थे। इसमें एक पुस्तकालय भी था। एक अप्रैल 2013 को रम्पा टॉकीज बंद हो गया था।
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