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Sitapur News: पशुओं की अवैध कटान को लेकर डीएम को पत्र लिखेंगे सांसद

Thu, 11 Sep 2025 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। जिले में एक भी स्लॉटर हाउस न होने के बावजूद पशुओं की अवैध कटान के मामले में बृहस्पतिवार को सीतापुर से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने हस्तक्षेप किया है। वह अवैध कटान करने वालों पर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को सांसद पत्र लिखेंगे।
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सांसद राकेश राठौर ने कहा कि सीतापुर में एक भी वैध स्लॉटर हाउस नहीं है। पशु को काटे जाने का कोई स्थान निश्चित नहीं है। इसके बाद भी पशुओं की अवैध कटान कैसे हो रही है। सांसद ने आरोप लगाया कि ऐसी गतिविधियां करने वालों को प्रशासन व पुलिस का संरक्षण मिला है। संबंधित थानों में नियमित पैसा जाता है। इसलिए पशुओं का अवैध कटान हो रहा है। सांसद ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए उचित कार्रवाई किए जाने को लेकर जिलाधिकारी को पत्र लिखेंगे। पत्र के साथ अमर उजाला में प्रकाशित खबरों की कटिंग भी लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से भी इस मामले का संज्ञान लेकर यथोचित कदम उठाए जाने की जरूरत है।


लाइसेंसधारी विक्रेताओं का कारोबार होता प्रभावित
एक लाइसेंसधारी मीट विक्रेता ने बताया कि पशुओं की कटान रोकना खाद्य विभाग और पुलिस की जिम्मेदारी है। हम लाइसेंस लेकर सरकारी गाइडलाइन के अनुसार व्यापार करते हैं। किसी भी अवैध गतिविधि से अगर हमारा व्यापार प्रभावित होता है तो प्रशासन को संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। जिस तरह सरकारी शराब की दुकानों का कारोबार प्रभावित न हो इसके लिए कच्ची शराब बनाने वालों के विरुद्ध छापामारी की जाती है उसी तरह पशुओं की अवैध कटान मामले में भी समय-समय पर छापा मारने की जरूरत है।
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पुलिस ने जांचे लाइसेंस
सीओ सिटी विनायक भोंसले अवैध ढंग से पशु कटान मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने मांस बिक्री के लाइसेंसधारकों को इसकी नियमावली को बेहतर ढंग से समझाया है। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। इस पूरे मामले में शासन ने भी एक रिपोर्ट तलब की है।


समाजसेवी बोले- मुख्यमंत्री से करेंगे जांच की मांग
इस तरह से जीवों पर अत्याचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध कटान पर रोक के बावजूद इस काम को करने वालों पर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए। इसमें संलिप्त पूरे सिंडीकेट की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले में जांच के बाद अगर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो शासन को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
- विवेक शर्मा, समाजसेवी

पशुओं को मारना व काटना अपराध है। उनमें भी जान है और मानव की तरह जीने का अधिकार है। बेजुबान हैं इसलिए वह अपने ऊपर होने वाले अत्याचार बता नहीं सकते। हमें ही उन्हें बचाने के लिए आगे आना होगा। मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराने की मांग करेंगे।
-अखिलेश अवस्थी, अध्यक्ष हनुमंत जीव आश्रय


जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी लिया संज्ञान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी पशुओं की कटान मामले का संज्ञान लिया है। प्राधिकरण के सचिव व न्यायाधीश नरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि मांस बिक्री के मामले में नगर पालिका का अहम रोल माना जाता है। मांस की बिक्री, उनके काटे जाने से लेकर अपशिष्ट प्रबंधन कराने के लिए नगर पालिका ही जिम्मेदार मानी जाती है। नगर पालिकाएं स्थानीय अधिनियमों व नियमों के माध्यम से ऐसी गतिविधियों को नियंत्रित करती हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कैसे पशु को काटकर किस प्रकार से बेचा जा रहा है। पालिका की एक टीम को भी गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। न्यायाधीश ने बताया कि इस मामले में नगर पालिका को पत्र लिखेंगे।
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