नैमिषारण्य (सीतापुर)। मिश्रिख सांसद अशोक रावत ने मंगलवार को संसदीय क्षेत्र की नवनिर्मित सड़कों का निरीक्षण किया। सांसद ने खुद हाथ में हथौड़ा लेकर सड़क की गुणवत्ता परखी। इस दौरान सड़कों में इस्तेमाल सामग्री के सैंपल भी एकत्र किए। सांसद ने सैंपल को जांच के लिए लखनऊ व कानपुर की लैब में भेजने की बात कही है। इस दौरान कई बार पीडब्ल्यूडी के अधिकारी सफाई पेश करते नजर आए। सांसद समर्थकों व विभागीय कर्मचारियों के बीच कई जगह नोकझोंक भी हुई।
मिश्रिख सांसद ने सीतापुर-हरदोई मार्ग से अटवा से बीबीपुर तक साढ़े तीन किलोमीटर बाईपास मार्ग का पैदल चलकर दो घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह सड़क के किनारे के हिस्से को खोद कर मानक की जांच कराने के लिए सैंपल एकत्र करवाए। इन सैंपल की लखनऊ और कानपुर की लैब में परीक्षण कराने की बात कही। सांसद के मुताबिक निरीक्षण में कई जगह पर सड़क धंसी तो कहीं पर उखड़ी मिली।
सांसद ने कहा कि नैमिषारण्य का सर्वांगीण विकास केंद्र एवं प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है। अधिकारियों व ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश हैं कि इस कार्य में किसी प्रकार की हीलाहवाली न बरती जाए। गुणवत्ता पूर्ण तरीके से समय रहते कार्य किए जाएं। इसके बावजूद जिम्मेदार बेपरवाह हैं। उन्होंने कहा कि काफी समय से स्थानीय जनता द्वारा क्षेत्र में बनाई गई सड़कों की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की जा रही थी।
संसद सत्र के बाद क्षेत्र में आया तो जनहित को प्राथमिकता देते हुए सड़कों की गुणवत्ता जांचने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई खामियां देखने को मिली हैं। कई जगह रोड धंसी हुई है, पटरियां टूटी हुई हैं। सांसद ने कहा कि जरूरत पड़ी तो इस प्रकरण में मुख्यमंत्री से मिलकर दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करवाऊंगा। इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि राजकुमार सोनी, विधायक प्रतिनिधि रामगोपाल अवस्थी, लोनिवि की अधिशाषी अभियंता रीमा सोनकर आदि मौजूद रहे।