सीतापुर। हैलो! डीएम सर, मैं संदना से बोल रही हूं। ससुराल के लोग दहेज को लेकर परेशान कर रहे हैं। प्रताड़ित किया जाता है। दो साल पहले थाने में मामले की शिकायत की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मुझे इंसाफ दिला दीजिए। सिधौली की एक अनाथ बेटी कहती है, डीएम अंकल...। मां-बाप नहीं है। भाई बाहर रहते हैं। चाचा हमारे साथ मारपीट करते हैं। घर से भी भगाते हैं... ये उन लोगों की दर्द भरी कहानी है, जो बुधवार को ‘हक की बात, डीएम के साथ’ कार्यक्रम में जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज के सामने आई। इस तरह के एक, दो नहीं बल्कि 17 लोगों ने डीएम से बात कर अपनी समस्याएं बताईं। डीएम ने सभी मामलों में कार्रवाई के आदेश दिए हैं। संबंधित से इसकी रिपोट भी मांगी गई है।
महिलाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसकी जानकारी बुधवार को महिलाओं ने फोन से डीएम विशाल भारद्वाज को बताई। एक महिला ने बताया, उसके पति की मौत हो गई है। जेठ शारीरिक उत्पीड़न कर रहा है। एक महिला की दो साल पहले लखनऊ में शादी हुई थी। इसके एक माह बाद सास-ससुर व पति दहेज की मांग को लेकर परेशान कर रहे हैं। उसने बताया कि पति का प्रेम-प्रसंग दूसरी महिला से है। पुलिस ने मामले में समझौता कराया। इसे भी ससुरालीजन नहीं मान रहे हैं। वह माइके में रह रही है। एक बार स्वयं ससुराल गई तो वहां से भगा दिया गया। महिला का माइका सिधौली थाना क्षेत्र में है।
खैराबाद की एक महिला ने डीएम से बताया कि पांच साल पहले उसके पति की मौत हो गई थी। तब से पंचायत सचिव मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बना रहे हैं। एक सचिव ने इसके लिए रुपये की मांग की, जिसे पूर्ण न करने की वजह से काम नहीं हो सका। वर्तमान सचिव भी प्रमाण पत्र नहीं बना रहे हैं। इस दौरान अपर जिलाधिकारी विनय कुमार पाठक, जिला प्रोबेशन अधिकारी अश्वनी कुमार तिवारी भी उपस्थित रहे।
अफसरों को शिकायतों के निस्तारण के दिए निर्देश
मुख्य रूप से रोजगार, आवास, जमीन पर अवैध कब्जा, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, शारीरिक शोषण, मकान पर कब्जा, विदाई न कराने, जमीन में हिस्सा न देने एवं निराश्रित महिला पेंशन के सम्बन्ध में शिकायतें प्राप्त हुई। डीएम ने सभी शिकायतों को एक-एक करके सुना एवं उनके गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके से ही दिए। डीएम ने कहा कि शासन महिलाओं एवं बालिकाओं के सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके लिए शारदीय नवरात्र 2020 से वासंतिक नवरात्रि 2021 तक मिशन शक्ति का अभियान चलाया जा रहा है। महिलाओं एवं बालिकाओं से सीधे वार्ता करके उनकी समस्याओं के प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्य स्थल पर भी महिलाओं को पूरी सुविधा दिए जाने के भी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाने के निर्देश सभी कार्यालयाध्यक्षों को दिए जा रहे हैं।