भाई-बहन के त्योहार रक्षाबंधन पर बाजारों में पड़ोसी देश चाइना की छाप नजर आ रही है। त्योहार भले ही भारतीय संस्कृति से जुड़ा है, लेकिन बाजार में भारतीय राखियों की अपेक्षा चाइनीज राखियां छाईं हैं।
चाइना के कारोबारियों ने मौका भुनाने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का भी इस्तेमाल किया है। चाइना की ओर से मोदी राखी को बाजार में उतारा है। करीब 35 रुपये में मिल रही यह राखी लोगों की पहली पसंद है।
रक्षा बंधन 29 अगस्त को है। इसको लेकर बाजारों में राखी की दुकानें सज गईं हैं। इन दुकानों पर देशी राखियों की अपेक्षा चाइनीज राखियों की अधिकता है। बाजार में चाइना में बनीं डोरेमोन, छोटा भीम, कृष्णा, बेनटेन, स्पाइस, मोटू-पतलू, बाल गणेश व मोदी राखी नजर आ रही हैं।
ये राखी पांच रुपये से लेकर 250 रुपये तक में मिल रही हैं। इस बार की स्पेशल मोदी राखी में लाइटिंग की व्यवस्था है, इसकी कीमत 35 रुपये है। कारोबारी बबलू द्विवेदी ने बताया कि भारतीय राखी के अपेक्षा चाइनीज राखी सस्ती पड़ती है।
अमन गुप्ता कहते हैं कि चाइना कारोबारियों ने कार्टून करेक्टरों को बाजार में उतारा है। हिमांशु की दुकान पर गणेश राखी स्पेशल रूप से मिल रही है। मोदी राखी को टक्कर देने के लिए भारतीय कारोबारियों ने गणेश राखी को उतारा है लेकिन इसकी कीमत अधिक 150 रुपये होने के कारण लोग इसे खरीदने से बच रहे हैं।
गणेश राखी में रक्षा सूत्र के साथ चावल, इंगुर व गणेश जी की प्रतिमा को पैक किया गया है। बाजार में एक रुपये से 600 रुपये कीमत की राखी बेची जा रही हैं।
एक रुपये में केवल रक्षा सूत्र है, जबकि पांच रुपये से राखियों की शुरुआत है। कारोबारियों ने चांदी की राखी को भी बाजार में उतारा है। इस राखी की कीमत तीन सौ रुपये से छह सौ रुपये तक है।