बिसवां गैस एजेंसी को विधायक रामपाल यादव के कब्जे से मुक्त करा दिया गया है। एजेंसी मालिक त्रिलोक सिंह ने पुलिस से इस मामले की शिकायत की थी। पुलिस ने एजेंसी से तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
जबकि विधायक के कुछ करीबी वहां से भाग निकले। यहां समर्थकों को काबू में करने के लिए पुलिस को बल भी प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने पकड़े गए तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बिसवां के पुरवारी टोला निवासी त्रिलोक सिंह की कस्बे के बिसवां गैस एजेंसी है। आरोप है कि उनकी एजेंसी पर विधायक रामपाल यादव ने जबरन कब्जा कर लिया था। एजेंसी का पूरा लाभ विधायक व उनके करीबी ले रहे थे। इसी सिलसिले में उसने डीएम व एसपी से शिकायत की थी।
शिकायत के आधार पर इंस्पेक्टर केके मिश्रा ने शनिवार दोपहर एजेंसी पर छापा मारा। पुलिस को देख विधायक के कई करीबी मौके से भाग निकले। इस दौरान पुलिस ने बल भी प्रयोग किया। पुलिस ने वहां से विधायक के करीबी बिसवां के लल्लानगर निवासी दिनेश कुमार, मोहल्ला थोक निवासी नीरज शुक्ला, पठानी टोला निवासी आदित्य अवस्थी को पकड़ लिया।
पुलिस ने इनके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। बताते हैं कि यही लोग एजेंसी पर विधायक के संरक्षण में एजेंसी चलाते थे। एजेंसी मालिक ने विधायक रामपाल यादव, उनके पुत्र जितेंद्र यादव, करीबी भारती सिंह यादव, उमेश पांडेय उर्फ छोटू, नीरज शुक्ला, धर्मेंद्र पांडेय पर अवैध रूप से एजेंसी पर कब्जा करने का आरोप लगाया था। इंस्पेक्टर केके मिश्रा का कहना है कि मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।