सीतापुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री रामलाल राही की हुई मौत के मामले में रविवार को नया मोड़ आ गया है। उनके पुत्र हरगांव विधायक सुरेश राही, पूर्व विधायक रमेश राही ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोरोना रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। मामले को लेकर सीएम और डीएम को चिट्ठी भेजकर शिकायत करने की बात कही है। पिता की मौत के मामले को विधानसभा में भी उठाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट गड़बड़ थी। उनके पिता को कोरोना नहीं था।
पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री रामलाल राही की गुरुवार को हालत बिगड़ गई थी। जिला अस्पताल से डॉक्टर को आवास पर बुलाकर दिखाया गया। बाद में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया था। वहां पर इलाज शुरू हुआ। सैंपल लेकर ट्रूनेट मशीन से उनकी कोरोना की जांच कराई गई थी, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इलाज के कुछ देर बाद उन्होंने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया था। रामलाल राही की मौत के चौथे दिन रविवार को उनके पुत्र हरगांव विधायक सुरेश राही, पूर्व विधायक रमेश राही ने मीडिया को प्रेस रिलीज जारी कर पिता की मौत को लेकर कई गंभीर आरोप स्वास्थ्य विभाग पर लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पिता की मौत के दो दिन पहले उन्होंने सर्दी लगने की बात कही थी।
जिला अस्पताल ले जाकर डॉक्टर को दिखवाया था। इलाज से कुछ आराम हुआ, लेकिन 10 दिसंबर की सुबह खांसी बढ़ गई। खांसी में ब्लड आ रहा था। जिला अस्पताल से डॉक्टर को आवास पर बुलाकर दिखवाया। डॉक्टर की सलाह पर पिता को अस्पताल लेकर गए। एक्स-रे, ब्लड टेस्ट, कोरोना की जांच हुई। इमरजेंसी वार्ड में ले जाकर उन्हें निमुलाइज किया गया। आराम मिला। डॉक्टर ने लखनऊ ले जाने की सलाह दी। करीब आधा घंटा बाद डॉक्टर ने कोरोना की जांच रिपोर्ट को डाउटफुल होना बताया।
विधायक सुरेश राही का कहना है कि इसके बाद पिता को एल-2 में भर्ती कर दिया गया। विधायक की माने तो सीएमएस डॉ. अनिल अग्रवाल ने सीएमओ से बातकर लखनऊ ले जाने को कहा। पूछने पर बताया कि कोविड 26 प्रतिशत है, जो एक-दूसरे को फैलने वाला संक्रमण नहीं है। विधायक का कहना है कि कोविड होने की बात जानने के बाद उनके पिता परेशान हो गए। घबराहट बढ़ गई और इसी वजह से हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। विधायक सुरेश राही का कहना है कि रिपोर्ट गड़बड़ है। उनके पिता को कोरोना नहीं था। इसके बाद भी गलत रिपोर्ट देकर भ्रम पैदा किया गया। कोरोना होने की वजह से उनके अंतिम दर्शन में शामिल होने से लोगों ने दूरी बनाई।
जिला अस्पताल में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कमोड वाले शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। शौच के लिए पिता गैस एजेंसी पर गए। दोबारा अस्पताल लाते-लाते हालत और बिगड़ गई। गाड़ी से उतारने पर बिना पायदान वाला एक व्हील चेयर मिला। उसी से लेकर वार्ड में गए, जहां पर बेड पर सीट तक नहीं थी। आक्सीजन लगने के एक मिनट के अंदर बाबूजी का निधन हो गया।
- सुरेश राही, विधायक हरगांव
टूनेट मशीन से पूर्व केंद्रीय मंत्री रामलाल राही की कोरोना की जांच की गई थी। ऑनलाइन ही जांच होती है व ऑनलाइन ही फीड हो जाती है। इसमें हम लोग कुछ भी नहीं कर सकते है। टूनेट की जांच सौ फीसदी सही होती है। जांच में वह कोरोना पॉजिटिव आए थेे। अस्पताल की तरफ से उनको बेहतर इलाज दिया गया था।
- डॉ. अजय शुक्ला, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल