सीतापुर। हरगांव इलाके से लापता हुए बालक-बालिका एक साल 11 महीने के बाद पंजाब के जालंधर में मिले। पुलिस ने दोनों बच्चों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। आठ मई 2024 को हरगांव के निगोहा गांव निवासी विनोद कुमार ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
बताया था कि उनके पांच वर्षीय पुत्र छोटू को उनके भाई संजय की कथित पत्नी खुशबू अपने साथ लेकर कहीं चली गई थी। संतोष कुमार, मुजफ्फर हुसैन व शांति ने खुशबू का भाई संजय से विवाह कराया था। बताया कि खुशबू उनके पुत्र छोटू को लेकर कहीं चली गई थी।
पीड़ित ने चारों लोगों को आरोपी बनाया था। पुलिस की कई टीमें चेन्नई, नेपाल बार्डर, लखनऊ, सिद्धार्थनगर, अमृतसर आदि गई थीं। एक टीम पंजाब के जालंधर जिले के दयालपुर गांव पहुंचे जहां पर रामलखन के घर के बाहर एक लड़का, एक लड़की स्कूल की ड्रेस में दिखाई पड़े। पूछने पर बालक ने अपना नाम प्रिंस उर्फ छोटू बताया। बालक ने बताया कि वह अपनी मां खुशबू व बहन रागिनी के साथ यहां आया था। मां खुशबू की मौत हो गई है।
गांव निवासी रामलखन ने बताया कि वह मूल रूप से लखीमपुर खीरी के फूलबेहड़ के निवासी हैं। वह 17-18 महीने पहले पंजाब में दिहाड़ी का काम कर घर जा रहे थे। तभी धीरपुर रोड पर उनको खुशबू बीमार हालत में मिली थी। उसके साथ में दो बच्चे थे जो काफी दयनीय स्थिति में थे। रामलखन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। टीबी की बीमारी के कारण लगभग 15 दिन बाद महिला की मौत हो गई थी।
मानवता के नाते उसने बच्चों का दाखिला सरकारी प्राइमरी स्कूल मनार में करवाया था। एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि बालक व बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। एसपी ने बच्चों को तलाशने वाली टीम को 20 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।