डेंगू का डंक खतरनाक होता जा रहा है। मिश्रिख कोतवाल योगेश शाह के बेटे की मंगलवार को डेंगू की चपेट में आने से मौत हो गई। उसका लखनऊ के गोमती नगर स्थित एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। कोतवाल का परिवार लखनऊ में ही रहता है।
वहीं मंगलवार को दो अन्य लोग डेंगू से पीड़ित मिले। इनमें से एक को जिला अस्पताल व दूसरे को लखनऊ रेफर कर दिया गया। इन दो मरीजों के मिलने बाद डेंगू की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या 70 से बढ़कर 72 हो गई है।
मिश्रिख प्रभारी निरीक्षक योगेश शाह का परिवार लखनऊ के राजाजीपुरम सेक्टर-ए में रहता है। करीब एक सप्ताह से योगेश के पुत्र देवेश शाह (17) को बुखार आ रहा था। परिवार ने जांच कराई, तो डेंगू की पुष्टि हुई। परिवार ने उसे गोमती नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां देवेश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इधर, शहर के मोहल्ला नारायन नगर निवासी अभिराज मिश्रा (22) को तीन दिन से बुखार आ रहा था। मंगलवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां जांच के बाद डॉक्टर ने डेंगू होने की पुष्टि की। जिसके बाद उसे इलाज लखनऊ रेफर कर दिया।
संदना के ग्राम ग्रिसवल ग्रंट निवासी बलराम सिंह (30) को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। निजी अस्पताल में जांच के बाद डेंगू की पुष्टि होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में उसकी प्लेटलेट्स 52000 निकली।
अब डॉक्टरों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि प्लेटलेट्स किन कारणों से कम पड़ी है, उसकी जांच कराई जा रही है। हालांकि बलराम को जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में रखा गया है। इन मरीजों के मिलने के बाद जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या बढ़कर 72 पहुंच गई है।