खैराबाद क्षेत्र में अलावलपुर परसेहरा गुलरी पुरवा में माइनर फटने से सैकड़ो बीघा फसल जलमग्न।
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खैराबाद (सीतापुर)। पिछले आठ साल से सूखी पड़ी परसेहरा माइनर में पानी अपने संग किसानों की बर्बादी लेकर आया। माइनर की पटरी कटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। पटरी कटने की वजह माइनर की सफाई कराए बगैर पानी छोड़ा जाना बताया जा रहा है। फसलों के नुकसान को लेकर किसानों में रोष व्याप्त है।
सिंचाई विभाग ने माइनर का पानी रोक दिया है। ब्लॉक खैराबाद क्षेत्र में परसेहरा माइनर निकली है। क्षेत्रीय किसान आशीष शुक्ला, विवेक, पुतान यादव, जमुना देवी, सावित्री देवी, लल्ली आदि ने बताया आठ वर्षों से इस माइनर में पानी नहीं आया था। तब से आज तक माइनर की सफाई भी नहीं की गई थी। अबकी विगत तीन-चार दिन पूर्व माइनर में पानी छोड़ा गया। किसानों के मुताबिक सफाई नहीं होने के कारण पानी के दबाव से कई जगहों पर माइनर की पटरी कट गई। जिससे पानी खेतों में भरने लगा।
पटरी कटने से अलावलपुर, परसेहरा गुलरी पुरवा सहित कई गांवो की लगभग दो सौ बीघा खेती जलमग्न हो गई है। खेतों में गेहूं, सरसों, ज्वार बाजरा तथा सब्जी की फसलें जलमग्न हो गई। सूचना पर सिंचाई विभाग ने माइनर का पानी बंद कर दिया है। किसानों ने कड़ी मशक्कत से क्षतिग्रस्त पटरी दुरुस्त कर दी है। किसानों का कहना है, कि इस समय शीतलहर चल रही है। खेतों में इतना अधिक पानी आ जाना फसल को नुकसान पहुंचा सकता है। किसानों ने प्रशासन से मामले की जांच कराते हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की है।