महोली (सीतापुर)। किसानों को माइनर से पानी नहीं मिल रहा है। इस वजह से गेहूं, लाही, गन्ने की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। भिरिया व चवा बेगमपुर गांव के निकट से निकली माइनर कई माह से सूखी है।
विभाग कभी-कभार खानापूर्ति के लिए साफ-सफाई तो करा देता है, लेकिन पानी छोड़े जाने को लेकर संजीदा नहीं है। इसके चलते समय पर सिंचाई न हो पाने से फसल की पैदावार में लगातार गिरावट आ रही है। बड़ी नहर से निकले माइनर से तकरीबन 50 से अधिक गांव के लोग सिंचाई करते हैं। किसान श्रीकृष्ण, राजेश व पंकज के मुताबिक माइनर में करीब छह माह से पानी नहीं आया है, जिससे सिंचाई नहीं हो पा रही है। फसल सूखकर बर्बाद हो रही है।
झाड़ियों से घिरी माइनर
उरदौली। सढ़ियामऊ से जलालपुर तक माइनर झाड़ियों से घिरी हुई है। सिल्ट सफाई की जहमत तक नहीं उठाई है। किसान रामनाथ, दिनेश ने बताया की माइनर के निकट जाना भी मुश्किल है। झाड़ियों की वजह से विषैले जीव विचरण करते हैं।
चार दिन पहले माइनर में छोड़ा गया पानी
पिसावां। शारदा सहायक नहर से बीहटगौड़ गांव से निकली माइनर में बगैर सफाई के पानी छोड़ा गया है। किसानों ने बताया कि आधे से ज्यादा रबी की बोआई के बाद चार दिन पहले माइनर में पानी छोड़ा गया है। किसान बोदिल, दयाराम, नन्हक्के और परशुराम ने बताया कि माइनर की सफाई पिछले वर्ष जेसीबी से कराई गई थी। इस वर्ष बगैर सफाई के ही मंगलवार को माइनर में पानी छोड़ा गया है।