माननीय बनने के बाद जिले के कई उम्मीदवारों की माली हालत भी बदल गई। कुछ लखपती से करोड़पति तो कुछ अरबपति हो गए। उनकी माली हालत में पांच सालों में कई गुना बढ़ोतरी हो गई है। सोमवार को नामांकन के दौरान दाखिल दस्तावेजों में इन उम्मीदवारों की घोषित आय में इसका खुलासा हुआ।
धन दौलत में तरक्की के मामले में सबसे पहले पायदान पर कारागार राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी रहे। जबकि बसपा विधायक व हरगांव सीट से उम्मीदवार रामहेत भारती चौथे नंबर पर रहे।
सोमवार को तहसील में नामांकन के दौरान दाखिल दस्तावेजों पर गौर करें तो मिश्रिख से सपा विधायक व कारागार राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी ने इस बार अपनी चल-अचल संपत्ति 99.03 करोड़ रुपये दर्शाई है। जबकि पत्नी के नाम 1.03 करोड़ रुपये चल-अचल संपत्ति का उल्लेख किया है।
जबकि 2012 में इनके पास 1.39 करोड़ रुपये की संपत्ति थी। वहीं 2007 में 46 लाख रुपये की संपत्ति का ब्यौरा दिया था। कक्षा-आठ पास रामपाल कमाई के लिहाज से रामपाल ने करीब 98 गुना की बढ़ोतरी की। 2007 में वह हाईस्कूल पास थे। जबकि 2012 में दाखिल दस्तावेज में उन्होंने 8वीं पास होने का जिक्र किया था।
महोली से सपा विधायक अनूप गुप्ता ने खुद के नाम 31.64 करोड़ रुपये, पत्नी के पास 7.81 करोड़ एवं आश्रित बच्चों के नाम 2.62 करोड़ रुपये की संपत्ति का उल्लेख किया है। जबकि अनूप ने वर्ष 2012 में 2.69 करोड़ रुपये व 2007 में 1.07 करोड़ की चल-अचल संपत्ति दर्शाई थी।
ऐसे में इन्होंने भी अपनी माली हालत में कई गुना संपत्ति जुटाई है। लहरपुर से बसपा विधायक जासमीर अंसारी ने भी हैसियत में इजाफा किया है। इस बार चुनाव में विधायक जासमीर अंसारी ने 10.72 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्शाई है। जबकि पत्नी, पूर्व सांसद कैसरजहां के पास 21.56 करोड़ चल व अचल संपत्ति है।
जबकि 2012 में जासमीर ने 53.62 लाख व 2007 में 37.53 लाख चल व अचल संपत्ति दर्शाई थी। ऐसे में उन्होंने अपनी संपत्ति में काफी इजाफा किया है। इसी प्रकार हरगांव से बसपा विधायक रामहेत भारती ने इस बार के चुनाव में 95.75 लाख रुपये की संपत्ति का उल्लेख किया है।
इनमें 44.76 लाख चल व 50.98 लाख की अचल संपत्ति शामिल हैं। जबकि 2007 के चुनाव में उन्होंने हलफनामे में 21.43 लाख की चल-अचल संपत्ति दर्शाई थी। जबकि भारती ने चल-अचल दोनों को मिलाकर अपनी 1.15 करोड़ की संपत्ति का उल्लेख किया था।