कन्वर्जन कास्ट बढ़ने के बाद अब एक बार फिर परिषदीय विद्यालयों में दूध बंटेगा। बुधवार से विद्यालयों में दूध वितरण के लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है।
स्कूलों में दूध वितरण कराने की जिम्मेदारी संबंधित ब्लॉकों के बीईओ को सौंपी गई है। औचक निरीक्षण करके रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
मध्यान्ह भोजन योजना के तहत परिषदीय व मान्यता प्राप्त स्कूलों में नौनिहालों को भोजन मुहैया कराया जाता है। चालू सत्र में मेन्यू में कुछ परिवर्तन करके दूध को शामिल किया गया था।
प्रत्येक बुधवार को 200 मिलीलीटर दूध दिए जाना था। लेकिन दूध के लिए अलग से कोई बजट नहीं दिया गया था। जिससे शिक्षकों ने दूध वितरण से हाथ खड़े कर दिए थे।
शिक्षकों का कहना था कि जब तक कन्वर्जन कास्ट नहीं बढ़ती तब तक दूध का वितरण संभव नहीं है। जुलाई माह में योजना शुरू होने के कुछ ही समय बाद दम तोड़ गई थी। इस पर शासन ने दूध की कन्वर्जन कास्ट बढ़ाने का फैसला किया है।
साथ ही प्राइमरी व जूनियर विद्यालयों में दूध की मात्रा अलग-अलग कर दी है। प्राइमरी के नौनिहालों को अब 200 की जगह 150 मिलीलीटर दूध मिलेगा। वहीं जूनियर के विद्यार्थियों के लिए पहले की तरह 200 मिलीलीटर दूध मिलता रहेगा। इसका वितरण बुधवार से शुरू होगा।
वितरण को लेकर विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है। खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रत्येक स्कूल में दूध वितरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि वह विद्यालयों का औचक मुआयना कर उसकी रिपोर्ट बीएसए कार्यालय को सौंपे। लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इतनी बढ़ी कन्वर्जन कास्ट
बुधवार को प्राइमरी विद्यालयों में कन्वर्जन कास्ट 3.76 से बढ़कर 6.99 रुपये हो गई है। इसी प्रकार जूनियर विद्यालय में 5.64 से बढ़कर 9.79 रुपये कर दी गई है।
साथ ही बुधवार के मेन्यू में परिवर्तन कर दिया गया है। पहले नौनिहालों को इस दिन दूध के साथ कोफ्ता, चावल मिलता था। अब दूध के साथ तहरी मिलेगी।
निरीक्षण कर होगी कार्रवाई
बीएसए ने सभी बीईओ को निर्देश दे दिए हैं। बीईओ अपने इलाके के प्रत्येक विद्यालय में दूध का वितरण कराना सुनिश्चित करें। शिक्षक नए मेन्यू के अनुसार भोजन बनवाएं। औचक निरीक्षण कर लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-बृजमोहन सिंह, जिला समन्वयक, मध्याह्न भोजन