सीतापुर। जिला अस्पताल में इस समय दवाओं की किल्लत बनी हुई है। मरीज बाहर से दवा खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। खासकर यह दवाएं बच्चों की बीमारियों से संबंधित हैं। बाजार में महंगे दामों पर दवा मिल रही है। इससे वह बेहद परेशान हैं।
जिला अस्पताल की बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 50 से 100 तक बच्चे आते हैं। यह बच्चे लिवर, बुखार, खांसी व जुकाम व अन्य बीमारियों से ग्रसित होते हैं। इस समय अस्पताल में बच्चों की लिवर, मल्टीविटामिन व एंटीबायोटिक दवाओं की कमी बनी हुई है। यह बाजार में महंगे दामों पर मिल रही है। अस्पताल आए रमेश ने बताया कि बच्चे की दवा लेने आए थे।
दवा काउंटर पर गए तो उन्होंने दवा न होने की बात कही। इसके बाद मुख्य स्टोर गए तो वहां पर भी दवा नहीं मिली। इसी तरह हासिम ने बताया कि दो दिन पहले भी बच्चे की दवा लेने आए थे। उस समय भी दवा नहीं मिल पाई थी। अब एक सप्ताह बाद आने के लिए कहा जा रहा है। इसी तरह तमाम मरीज दवा काउंटर से लौट गए। गंभीर मरीजों ने बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदी।
रोजाना इतनी होती है डिमांड
जिला अस्पताल की ओपीडी में इस समय करीब 1,500 से 1,600 तक मरीज आ रहे हैं। इन मरीजों को दवा की जरूरत पड़ रही है। एक मरीज को चिकित्सक कम से कम चार से पांच दवाएं जरूर लिखते हैं। मरीजों को इन दवाओं में मुश्किल से दो से तीन दवाएं ही मिल पा रही हैं। इसके अलावा अन्य दवाओं को वह बाहर से खरीद रहे हैं।
नहीं होने दी जाएगी किल्लत
जिला अस्पताल में दवाओं की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। अगर दवाओं की कमी है तो डिमांड करके इसे पूरा किया जाएगा।
डॉ. इंदर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल