लहरपुर में मृतका के गमगीन परिजन। - संवाद
लहरपुर। संदिग्ध हालात में आग लगने से झुलसी शेखनापुर गांव निवासी मोहिनी (32) की बृहस्पतिवार को लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके परिजनों ने ससुरालीजनों पर दहेज के लिए जिंदा जलाने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
हरगांव के छौछिया गांव निवासी ज्योति के अनुसार उन्होंने छह जून 2020 को अपनी पुत्री मोहिनी की शादी शेखनापुर गांव निवासी सूरज के साथ की थी। शादी में दिए गए दहेज से ससुरालीजन खुश नहीं थे। आरोप है कि मोहिनी को आए दिन प्रताड़ित किया जाता था। जब वह मायके आती तो रो-रोकर ससुराल में होने वाली प्रताड़ना की जानकारी देती थी।
24 सितंबर को पति व अन्य ससुरालीजनों ने मिलकर मोहिनी को पीट दिया, फिर ज्वलनशील पदार्थ डालकर मोहिनी को जिंदा जला दिया। उसे गंभीर हालत में लखीमपुर खीरी के ओयल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। वहां से उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान मोहिनी की मौत हो गई।
शुक्रवार सुबह शव के गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। सीओ अभिषेक ने बताया कि सूरज, रामदीन, रामदेवी और अनिल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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आग लगी तो पड़ोसियों ने खोला था दरवाजा
परिजनों के अनुसार मोहिनी पर ससुरालीजनों ने ज्वलनशील पदार्थ डालकर जलाया और कमरे में बंद कर दिया। शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर आ गए। उनके हस्तक्षेप के बाद दरवाजा खोला गया। हालांकि मोहिनी तब तक गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। इसकी जानकारी भी पड़ासियों ने मोहिनी के परिजनों को दी थी।