रामपुर मथुरा। बाढ़ में बेघर हुए कई परिवारों को अब तक आवासीय भूमि नहीं मिली है। इससे उनकी मुश्किलें खत्म होती नहीं दिख रही हैं। यह चार-पांच परिवार तटबंध पर झोपड़ी बनाकर गुजर-बसर करने को विवश हैं। अब तक इन परिवारों को आवासीय भूमि की जगह सिर्फ आश्वासन ही मिल सका है।
सरयू नदी की कटान से हर साल तटवर्ती गांवों के कई परिवार बेघर होते हैं। बाढ़ व कटान में अपना आशियाना गंवाने वालों को सरकार की ओर से आवासीय भूमि का आंवटन किया जाता है। हर साल बाढ़ खत्म होने पर बेघर कटान पीड़ितों को जमीन मुहैया कराई जाती है। इसके बाद भी चार-पांच परिवार अब तक आवासीय भूमि मिलने का इंतजार कर रहे हैं। शुकुलपुरवा के रामफल ने बताया कि 2012-13 की बाढ़ में घर कट गया था। कई बार प्रशासन से आवासीय भूमि के पट्टे की मांग की, किंतु आज तक जमीन नहीं मिल सकी है। मजबूरन तटबंध के पास झोपड़ी में जीवनयापन कर रहे हैं।
इसी तरह कुंवर चंद्र का घर भी कट गया था। इन्हें भी आवासीय पट्टे का आवंटन नहीं हो पाया है। इसी गांव के पंचम व दुखहरन ने बताया कि 2025 की बाढ़ में घर व जमीन कटकर सरयू नदी में बह गए थे। प्रशासन की ओर से बताया गया था कि आवासीय पट्टा मिलेगा। आज तक आवासीय भूमि मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इन्होंने बताया कि जमीन का पट्टा न मिलने से तटबंध पर झोपड़ी में रहने को विवश हैं। इन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले एसडीएम सहित कई अधिकारी आए थे। उन्होंने नाम नोट कर लिया है। आश्वासन दिया कि इस बार आवासीय पट्टे के आवंटन में जमीन मुहैया करा दी जाएगी। इन कटान पीड़ितों ने बताया कि जमीन मिलने पर ही वह अपना स्थायी ठिकाना सकते हैं।
गांव के करीब जमीन मिलने की आस
सरयू नदी की कटान से अपना घर गंवा चुके शंकरपुरवा, बाबाकुटी व अखरी गांव के 30 से अधिक परिवार आवासीय पट्टा काफी दूर आवंटित होने के कारण आज भी नजदीक भूमि आवंटन किए जाने की आस लगाए हैं। कटान पीड़ित देवरिया, शिवमंगल, राकेश, हरी, मुन्नू, राजेंद्र फेरे आदि को रायसेनपुर में भूमि आवंटित की गई थी। करीब 11 किमी दूर होने के कारण परिवार की जीविका का संकट देख वहां नहीं गए हैं। यह लोग अपने मूल गांव के आसपास ही पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
जिन्हें भूमि नहीं मिली, उन्हें आवंटित होगी
जिन कटान पीड़ितों को आवासीय भूमि आवंटित की जा चुकी है, उनसे कई बार बताया गया है कि अपनी आवंटित जमीन पर घर बनाएं। शुकुलपुरवा के जिन कटान पीड़ितों को आवासीय पट्टा अभी तक नहीं मिला है, उन्हें इस बार की प्रक्रिया में भूमि आवंटित करा दी जाएगी।
- उमाशंकर त्रिपाठी, तहसीलदार महमूदाबाद