सीतापुर। जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही गरीब मजदूरों पर भारी पड़ रही है। उन्हे रोजगार नहीं मिल पा रहा है। लक्ष्य के सापेक्ष मानव दिवसों का सृजन नहीं हो रहा है। मानव दिवसों के सृजन में सबसे कम प्रगति वाले प्रदेश के सौ ब्लॉकों में सीतापुर के भी चार ब्लॉकों का नाम है। यहां मानव दिवसों का सृजन लक्ष्य के अनुसार न होने से मनरेगा मजदूर रोजगार के लिए भटक रहे हैं।
अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार ने प्रदेश के ऐसे सौ ब्लाकों की सूची जारी की है जिनमें लक्ष्य के सापेक्ष मानव दिवसों के सृजन की भौतिक प्रगति काफी कम (19 से 47 प्रतिशत तक) है। इसमें सीतापुर के चार ब्लॉकों का भी नाम है। ब्लॉक सिधौली में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 33 प्रतिशत मानव दिवस सृजित किए गए हैं। इससे ब्लॉक फिसड्डी ब्लॉकों की सूची में 12वें नम्बर पर अंकित है।
इसी प्रकार गोंदलामऊ में 39 प्रतिशत मानव दिवस जनरेट किए गए हैं। विकास खंड कसमंडा में 43 फीसदी मानव दिवस सृजित हो सकें। ब्लॉक खैराबाद में लक्ष्य के सापेक्ष 44 प्रतिशत मानव दिवसों को सृजन हुआ है।
इन ब्लॉकों का प्रदेश मेें क्रमश: 27वां, 53वां एवं 57वां स्थान है। यह स्थिति दो जनवरी को जारी की गई रैकिंग की है। जिम्मेदारों की ओर मनरेगा के तहत मानव दिवसों का अपेक्षानुरूप सृजन न करने से संबंधित गांवों के मनरेगा मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। वह रोजगार के लिए भटक रहे हैं। इससे उनके परिवार के समक्ष रोजी-रोटी का संकट है।
पर्याप्त मात्रा में मजदूर न मिलने के कारण चार ब्लॉकों में मानव दिवसों के सृजन का लक्ष्य पूर्ण होने में काफी कम है।
सुशील कुमार श्रीवास्तव, उपायुक्त श्रम रोजगार।