पुलिस लाइन का निरीक्षण करते एडीजी एस.एन. साबत।
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सीतापुर। एडीजी जोन एसएन साबत ने मंगलवार को अचानक जिले का दौरा किया। उन्होंने जिले की कानून व्यवस्था को लेकर अफसरों संग मंत्रणा की। ट्रेनिंग कर रहे जवानों के सम्मेलन में भी शिरकत की। उन्होंने रिक्रूटों को थाने व पुलिस की शाखाओं आदि में ले जाकर दक्ष बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस लाइन आरटीसी परिसर, मेस व बैरक आदि का भी निरीक्षण किया।
एडीजी ने सबसे पहले पुलिस लाइन में पहुंच कर गार्द की सलामी ली। उसके बाद पुलिस लाइन सभागार में कानून व्यवस्था के संबंध में गोष्ठी की गई। गोष्ठी में डीएम विशाल भारद्वाज, एसपी आरपी सिंह, एडीएम विनय पाठक, एएसपी उत्तरी डा. राजीव दीक्षित, एसडीएम व क्षेत्राधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान एडीजी ने जिले की कानून व्यवस्था को लेकर जिले के अफसरों संग चर्चा की। महिला, बालकों संबंधी अपराध, गैंगेस्टर, एनएसए आदि के तहत की गई कार्रवाईयों की समीक्षा की।
एडीजी ने संवेदनशील मामलों, जमीन विवादों में पुलिस के साथ राजस्व टीमों को शामिल कर प्रकरण निस्तारण का निर्देश दिया। इस दौरान डीएम, एसपी ने एडीजी को जिले के हालात से अवगत कराते हुए उन्हें पूरी तरह आश्वस्त किया। इसके बाद एडीजी ने ट्रेनिंग कर रहे जवानों का सम्मेलन किया। एडीजी ने प्रशिक्षुओं को उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बनने पर बधाई दी। कहा कि सभी को निष्ठा व लगन के साथ ट्रेनिंग पूरी करनी है। बोले, आप लोग एक पुलिस कर्मी के साथ ही जिम्मेदार नागरिक भी हैं।
ट्रेनिंग में निर्धारित पाठ्यक्रम के अलावा वैज्ञानिक युक्तियों का भी प्रयोग करने पर एडीजी ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षुओं को बीच-बीच में थानों, पुलिस की शाखाओं आदि में डायल 112, हेल्प डेस्क, महिला हेल्प डेस्क का भ्रमण कराकर उसकी कार्यप्रणाली से प्रशिक्षित कराया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत प्रशिक्षण संपन्न कराया जाए। प्रशिक्षुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से दिन में एक बार काढ़ा दिया जाए। सम्मेलन के बाद उन्होंने आरटीसी परिसर, मेस व बैरकों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान जिले के अफसर मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद एडीजी लखीमपुर के लिए रवाना हुए।