सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश सुरेन्द्र सिंह ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति, सास, ससुर व ननद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों पर 11-11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मो. असलम ने की।
जिले के थाना क्षेत्र कमलापुर अंतर्गत पतारा कला गांव के रहने वाले विकास शुक्ला, लल्लन शुक्ला, शारदा शुक्ला व दिव्या शुक्ला के विरुद्ध एक मुकदमा क्षेमवती दीक्षित ने दर्ज कराया था। जिसमें वादिनी ने पुत्री प्रिया दीक्षित का 25 फरवरी 2012 को विकास शुक्ला के साथ विवाह होना बताया।
इसके बाद और दहेज की मांग को लेकर बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। इसके चलते आग लगाकर उसे मार दिया गया। मुकदमे में विवेचना करते हुए विवेचक ने चारों आरोपियों के विरुद्ध दहेज के लिए हत्या का आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान आए साक्ष्यों के आधार पर हत्या का मामला पाते हुए न्यायाधीश ने आरोपी पति, सास, ससुर व ननद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
दुष्कर्म व हत्या के आरोपी को उम्रकैद
सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार गौतम ने दुष्कर्म व हत्या के मामले में एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी पर 31 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार शुक्ल द्वारा की गई।
हरगांव थानाक्षेत्र के निगोहा निवासी एक व्यक्ति ने पत्नी की हत्या किए जाने का एक मुकदमा दर्ज कराया था। 4 मई 2014 को दर्ज इस मुकदमे की विवेचना करते हुए आरोपी खिल्ली उर्फ बिहारी के विरुद्ध दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला पाते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। न्यायाधीश ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।