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सीतापुर। जिले में शहर के लेकर ग्रामीण अंचल तक ज्येष्ठ के तीसरे बड़े मंगल की धूम रही। भक्तों ने बाला जी महाराज के दरबार में हाजिरी लगाई और पूजन-अर्चन किया। मंदिरों के साथ ही कई स्थानों पर भंडारा किए गए। सुबह से देर रात तक हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं आना-जाना लगा रहा। कोविड प्रोटोकॉल का पालन भी किया गया।
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महावीर के पूजन-अर्चन में जेष्ठ के मंगल का बड़ा महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि इस माह में पड़ने वाले सभी मंगल के दिनों में भक्तों पर बालाजी महाराज की विशेष कृपा बरसती है। ऐसे में भक्त भी अपने आराध्य को प्रसन्न करने के लिए विशेष इंतजाम करते हैं। ज्येष्ठ के तीसरे मंगल को भी भगवान महावीर की खास पूजा की गई।
शहर के छोटा हनुमान मंदिर, बड़ा हनुमान मंदिर, आंख अस्पताल रोड स्थित हनुमान मंदिर, हनुमान मंदिर नैपालापुर, जंगलीनाथ मंदिर, हनुमान गढ़ी मंदिर नैमिषारण्य, हनुमान मंदिर परसदा आदि मंदिरों में भगवान का श्रंगार करके चोला अर्पित किया। श्रद्धालु भोर से ही हनुमानजी की सेवा में लग गए थे।
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मंदिर की साफ-सफाई के बाद भगवान का श्रंगार किया गया। धूप-दीप अर्पित कर आरती उतारी गई। प्रसाद बांटा गया। इसके बाद देर रात तक मंदिरों में भक्तों का आना-जाना लगा रहा। कोरोना के चलते मंदिरों में ज्यादा भीड़ नहीं एकत्र हुई। पुजारियों ने एक साथ चार से पांच लोगों को ही गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दी। इसी प्रकार मधवापुर में नागेंद्र मिश्रा द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
तीर्थ नगरी में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
नैमिषारण्य (सीतापुर)। बड़े मंगल को लेकर तीर्थ नगरी में भी उल्लास रहा। हनुमानगढ़ी में महंत बजरंगदास व पवनदास ने वैदिक परंपरा से दक्षिणेश्वर हनुमानजी का श्रंगार करके चोला अर्पित किया। सोशल मीडिया पर भगवान की महाआरती प्रसारित की गई। तीर्थ पुरोहितों ने बजरंगबाण, सुंदरकांड पाठ व हनुमान चालीसा का पाठ किया। कस्बे के कालीपीठ, अयोध्या मंदिर, मां ललिता देवी मंदिर आदि में भी हनुमानजी का पूजन-अर्चन किया गया। श्रद्धालुओं ने भी दर्शन किया।
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