सीतापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने कहा कि राम की तरह ही चुनौतियों को स्वीकार कर ही संघ आगे बढ़ा है। कोई भी कार्य सत्य, संकल्प और सिद्धि से ही पूर्ण होता है। संघ संस्थापक डॉ हेडगेवार भी सत्य व संकल्प के धनी थे। वह बृहस्पतिवार को शास्त्री नगर स्थित एक निजी प्रतिष्ठान में संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सेदारी कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि गढ़े चलो-सुपंथ पर बढ़े चलो, भला हो जिसमें देश का वह काम सब किए चलो, गीत की इस पंक्ति को मंत्र मानकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व में आज एक सफल उदाहरण के साथ खड़ा है। संघ की 100 वर्षों की यात्रा में अनेक प्रकार की कठिनाइयां, उतार-चढ़ाव आए, उसे पार करके संघ विचारों के साथ सतत चलता रहा। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्देश्य को लेकर चलने वाले कार्य व संगठन के 100 वर्ष पूर्ण होना बड़ी बात है। कार्यक्रम के बाद शास्त्री नगर बस्ती में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में पथ संचलन निकाला, बस्ती वासियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। स्वांत रंजन ने कहा कि भगवान श्रीराम को भी लंका पर विजय प्राप्त करने में समस्या आई थी। रावण राम का साधारण शत्रु नहीं था, मेघनाद, कुंभकरण जैसे बलवान राम के सामने थे। उन्होंने आवाहन किया कि आज के दौर में माता-पिता अपने बच्चों को संस्कारित बनाने के साथ ही उन्हें हिंदू संस्कार भी सिखाएं। इस दौरान विभाग संघ चालक डॉ हरिपाल, नगर संघचालक विनय, जिला संघ चालक उमाकांत, प्रांत कार्यवाह प्रशांत व अन्य मौजूद रहे।