अपर सत्र न्यायाधीश एनबी यादव ने हत्या व मारपीट के मामले में एक दोषी को हत्या में आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि दो अन्य को मारपीट का दोषी पाते हुए एक वर्ष का कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने सजा दी।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील वर्मा ने की। 29 सितंबर 2013 को दीवार पर बरगद की डाले लगाने के विवाद को लेकर वादी राघवेंद्र प्रताप सिंह निवासी भिठौरा थाना मछरेहटा सीतापुर का गांव के ही बृजेश कुमार सिंह, अमरेंद्र प्रताप सिंह व राजू सिंह से झगड़ा हो गया था।
विवाद में बृजेश कुमार सिंह द्वारा बांके से किए गए प्रहार के चलते वादी के भाई भगवान बख्श सिंह की मौत हो गई। राघवेंद्र द्वारा लिखाई गई प्राथमिकी पर पुलिस ने विवेचना करते हुए तीनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। चार लोगों को चोटें भी आईं थीं।
न्यायाधीश ने हत्या के लिए सिर्फ बृजेश को दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी है कि दोषी से जमा कराए जाने वाले तीस हजार के अर्थदंड में से 25 हजार रुपये मृतक की पत्नी व चोटहिल रीना सिंह को बतौर प्रतिकर प्रदान किया जाए। न्यायालय ने अमरेंद्र व राजू सिंह को मात्र मारपीट के लिए दोषी पाते हुए उन्हें एक वर्ष का कारावास दिया। साथ ही एक-एक हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।