जनपद न्यायाधीश निसामुद्दीन ने हत्या के मामले में एक व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। मामले में विचाराधीन दो आरोपियों को संदेह का लाभ देकर कोर्ट ने बरी कर दिया।
दोषी को आयुध अधिनियम के तहत भी तीन वर्ष के साधारण कारावास व तीन हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता रघुवीर सिंह यादव ने की।
शहर कोतवाली क्षेत्र के निवासी जगदीश मिश्रा ने बताया कि भाई बबलू की 10 अप्रैल 2009 को तरीनपुर मोहल्ले में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जगदीश ने तरीनपुर निवासी सनी व उसके तीन साथियों के खिलाफ दर्ज कराई थी।
पुलिस ने सनी सिंह के अलावा तरीनपुर निवासी अनुज सिंह व नारायनपुर निवासी अनूप मिश्रा के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे में एक अन्य आरोपी के खिलाफ भी आरोप पत्र प्रेषित किया गया, लेकिन उसके नाबालिग होने के चलते उसका वाद किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया।
सुनवाई के दौरान जनपद न्यायाधीश ने अनुज सिंह व अनूप मिश्रा को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। जबकि बबलू पर फायर कर हत्या करने में सनी सिंह को दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने सनी को आयुध अधिनियम का दोषी पाते हुए तीन वर्ष के साधारण कारावास की भी सजा सुनाई।