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Sitapur News: रकबा कम लेकिन सर्वे में फीड की ज्यादा जमीन

Wed, 04 Dec 2024 12:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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गोंदलामऊ (सीतापुर)। गन्ना सर्वे और सट्टा आवंटन में फर्जीवाड़ा किया गया है। कई किसानों के पास जितनी जमीन है उससे दोगुना फीड कर दी गई। वहीं, तमाम किसान अभी तक अपनी जमीन की फीडिंग कराने के लिए रामगढ़ समिति के चक्कर काट रहे हैं। हैरत की बात यह है कि सर्वे से लेकर सट्टा आंवटन तक सारी प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसके बाद भी जिम्मेदारों से सांठगांठ कर बिचौलिए फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।
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रामगढ़ चीनी मिल का पेराई सत्र छह नवंबर को शुरू कर दिया गया था। मिल चालू हुए एक माह का समय हो रहा है। लेकिन जमीन फीड कराने वाले किसान अभी तक समिति के चक्कर लगा रहे हैं। किसान अपनी खतौनी लेकर आते हैं, लेकिन उनकी जमीन दर्ज नहीं की जा रही है। कोई न कोई बहाना बनाकर उन्हें वापस कर दिया जाता है। किसानों का कहना है कि अगर जमीन फीड नहीं की जाएगी तो रकबा के अनुसार पर्चियां नहीं मिल सकेंगी। ऐसे में वह अपना गन्ना लेकर कहां जाएंगे।
दूसरी तरफ फर्जीवाड़ा कर कई किसानों के नाम कम जमीन होने पर भी सर्वे में उनकी जमीन अधिक दर्ज की गई है। किसानों का आरोप है कि गन्ने की दलाली के लिए यह फर्जीवाड़ा किया जाता है। इलाके में सिंडीकेट सक्रिय है, जो विभागीय कर्मचारियों से सांठगांठ कर अतिरिक्त पर्ची हासिल करने के लिए फर्जीवाड़ा कराते हैं। यह सिंडीकेट अतिरिक्त पर्चियों पर गन्ना आपूर्ति कर अवैध कमाई करता है। इस फर्जीवाड़े की भनक किसी भी अधिकारी को नहीं लगना, प्रक्रिया की पारदर्शिता पर एक बड़ा सवाल है।
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जमीन आठ बीघा, फीड कर दी 21 बीघा
किसान सुशील कुमार बसंतपुर के रहने वाले हैं। इनका कृषक कोड 5034 और विलेज कोड 9097 है। इनके पास कुल आठ बीघा जमीन है। सर्वे में 21 बीघा दिखाकर फीड कर दी गई। इसी तरह लेखनापुर के रविन्दर के पास कुल 24 बीघा जमीन है, सर्वे में 40 बीघा दर्ज कर फीड कर दी गई। इनका कृषक कोड 1007 व विलेज कोड 1228 है। जयनापुर के राजकुमार के पास कुल आठ बीघा जमीन है। कृषक कोड 1136 व विलेज कोड 9005 है। सर्वे में इनके नाम 21 बीघा गन्ने का रकबा दर्शाकर फीड कर दिया गया है।

गन्ना 12 बीघा, फीड सिर्फ तीन बीघा
रामगढ़ निवासी किसान ओमप्रकाश ने बताया कि उनके पास गन्ने का रकबा कुल 12 बीघा है। कृषक कोड 2042 व विलेज कोड 9084 है। अब तक इनकी सिर्फ तीन बीघा जमीन ही फीड हुई है, बाकी नौ बीघा जमीन फीड कराने के लिए एक माह पहले समिति में आवेदन किया था। ओमप्रकाश का आरोप है कि कई बार समिति के चक्कर लगा चुके हैं। एक कर्मचारी ने जमीन फीड कराने के नाम पर 1500 रुपये भी ले लिए। इसके बाद भी जमीन नहीं फीड हुई। इससे आहत ओमप्रकाश समिति पहुंचकर कर्मचारी से 1500 रुपये वापस मांगने लगे तो रिश्वत खोरी का खुलासा हुआ। ओमप्रकाश ने बताया कि उसके भाई महेशलाल और मिहीलाल के पास भी 12-12 बीघा गन्ना है, लेकिन फीड तीन-तीन बीघा ही किया गया है।


किसान करें शिकायत, जांच कराई जाएगी
गन्ना सर्वे के दौरान अक्सर ग्रामीणों से ब्योरा लेकर कर्मचारी फीड कर देते हैं। गलत जानकारी दिए जाने से फीडिंग में गड़बड़ी हो सकती है। शिकायत पर दुरुस्त करा दिया जाता है। जमीन फीडिंग न होने की समस्या नहीं है। मिल चलने के बाद माह में एक बार वेबसाइट खुलती है तब आवेदकों की जमीन फीड की जाती है। अगर किसी ने फीडिंग के नाम पर रुपये लिए हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। किसानों को यदि कोई समस्या है तो शिकायत करें। उसका निस्तारण कराया जाएगा।
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- रत्नेश्वर त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी
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