महोली (सीतापुर) क्षेत्र के मुसब्बरपुर गांव में बृहस्पतिवार को किशन व अमित अपने खेतों में गन्ने की बोआई कर रहे थे। इसी दौरान गांव के ही राजकुमार के खेत में तेंदुआ दिखाई दिया। किसानों के मुताबिक, तेंदुआ एक वनरोज पर झपट पड़ा। ये देख अमित घबरा गए और शोर मचाते हुए गांव की तरफ भागे। शोर सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर खेतों की तरफ भागे। मगर तब तक तेंदुआ गन्ने के खेत में चला गया। ग्रामीणों के मुताबिक, तेंदुआ पिछले काफी समय से मैनिया जंगल में देखा जा रहा है। वन विभाग द्वारा छह माह पहले पिंजरा लगाया गया था। कुछ दिनों तक तक पिंजरे में शिकार के लिए बकरी को बांधा गया। बाद में वन विभाग ने क्षेत्र की निगरानी बंद कर दी। हालांकि पिंजरा उसी जगह रखा रहा। उसकी लोकेशन भी नहीं बदली गई।
किसान राजकुमार व अजय ने बताया कि तेंदुए की मौजूदगी के चलते गेहूं की कटाई और गन्ना बोआई प्रभावित हो रही है। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों को तेंदुए के पगचिह्न मिले हैं।
वन क्षेत्राधिकारी केएन भार्गव ने बताया कि जल्द ही संभावित ठिकानों पर पिंजरा लगाकर उसमें बकरी को बांधा जाएगा। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया है।