नाम पर सात प्रदेशों में निवेशकों के करीब एक हजार करोड़ रुपये लेकर दुबई भागने वाले सरगना लविश चौधरी के साथियों ने सीतापुर के लोगों को भी करीब 50 करोड़ रुपये की चपत लगाई है। पुलिस ने रविवार को पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लविश का एक साथी राहुल अब भी देवीपाटन मंडल में सक्रिय है।
शहर के नवीन चौक निवासी विराट राठौर के अनुसार बॉम्बिटेक्स एक्सचेंज व बीमैक्स रियलिटी कंपनी ने सीतापुर, लखीमपुर, हरदोई व गोंडा में सेमिनार आयोजित किए। इसमें लखीपुर खीरी के मितौली मदाह राजेपुर निवासी जय प्रकाश मौर्या ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताया था। उसने दावा किया था कि निवेश पर 15 प्रतिशत मुनाफा हर माह मिलेगा। 30 जून तक सब सही चलता रहा। जुलाई के बाद से कंपनी ने भुगतान बंद कर दिया।
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विराट के अनुसार सुनहरे भविष्य व आमदनी के चक्कर में उनके साथ के करीब 300 लोगों ने जमीन व गहने बेचकर करीब 50 करोड़ रुपये निवेश किए। अब जय प्रकाश और उसके साथी देवेंद्र मौर्या, नीतिका मौर्या, दयाशंकर मौर्या व अनुष्का मौर्या ने पल्ला झाड़ लिया है। पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी जय प्रकाश दुबई भाग गया है।
इंस्पेक्टर अनूप शुक्ला ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है। यह बड़ा मामला है। देवीपाटन मंडल का भी जुड़ाव मिल रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
राहुल की डायरी में फॉरेक्स घोटाले के साथ ही दर्ज हैं अहम राज
लखनऊ। फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाले की जांच निर्णायक मोड़ पर है। विदेश मंत्रालय की जांच आगे बढ़ी है। देवीपाटन मंडल में मौजूद राहुल की डायरी में लविश चौधरी के नेटवर्क से जुड़े कई साझेदारों, एजेंटों और वित्तीय सहयोगियों के नाम दर्ज हैं। इनमें कुछ नाम बेहद प्रभावशाली माने जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय को ईडी की रिपोर्ट मिली है, जिसके बाद जांच और तेज हुई है। इससे राहुल की मुश्किल बढ़ गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवासी एवं आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने राहुल के विदेश संपर्कों और यात्राओं की जानकारी जुटाई है। बताया जा रहा है कि राहुल की डायरी में दर्ज कई एंट्री विदेशी खातों और ऑनलाइन वॉलेट से जुड़ी हैं।