41 ने करवाया इलाज
पीएचसी पाल्हापुर में रविवार को डॉ. अभिषेक सिंह ने मरीजों का इलाज किया। उन्होंने बताया कि मेले में 41 मरीज आए थे। अधिकांश मरीज खांसी जुकाम व बुखार से पीड़ित थे। इलाज कराने आए रवि व सुर्जन ने बताया कि कई दिनों से बुखार आ रहा था। डॉक्टर ने मलेरिया की जांच करवाने की सलाह दी है।
जांच के लिए किया गया रेफर
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेवता में मरीजों को दवाई दी गई। यहां पर चिकित्सक की तैनाती नहीं है। फार्मासिस्ट जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि 45 मरीजों को दवा दी गई है। इस समय वायरल का अधिक प्रकोप है। यहां पर लैब टेक्नीशियन भी तैनात नहीं हैं, जिससे जांच के लिए लोगों को सीएचसी रेउसा रेफर किया गया।
लैब टेक्नीशियन ने देखे मरीज, दी दवा
जहांगीराबाद पीएचसी में दोपहर 12:30 बजे तक एलटी रवींद्र सिंह यादव व स्वीपर मोतीलाल मौजूद मिले। बताया कि डॉ. अंशुमान सिंह कहीं क्षेत्र में गए हुए हैं। फार्मासिस्ट अखिलेश पांडेय भी आए थे उन्हें कहीं दूसरी जगह जाना था। इसलिए वह भी जल्द चले गए। लैब टेक्नीशियन रवींद्र सिंह यादव मरीज देखकर दवा दे रहे थे। दोपहर एक बजे तक 10 मरीज आए हैं।
खली विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी
लहरपुर के नवसृजित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अकैचनपुर फरीदपुर में डॉ. प्रज्ञा शरण आनंद ने 80 मरीजों की जांच कर उन्हें सलाह व दवाएं दीं। डॉ. प्रज्ञा शरण आनंद ने बताया कि अधिकांश मरीज बुखार, खांसी, जुकाम से संबंधित आए। केंद्र पर आए मरीज अकबर अली ने कहा कि आरोग्य मेले में कोई भी विशेषज्ञ नहीं आता है।
सीतापुर। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले को लेकर चिकित्सक बिल्कुल संजीदा नहीं हैं। देरी से आना और जल्दी निकलने के फॉर्मूला पर चल रहे हैं। इससे कहीं फार्मासिस्ट तो कहीं लैब टेक्नीशियन मरीजों का इलाज करते हैं। केवल लक्षण के आधार पर दवा दे रहे हैं।
मुख्यमंंत्री जन आरोग्य मेला रविवार को जनपद के 66 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित किया गया। इस मेले में इस समय बुखार, जुकाम, खांसी व पेट दर्द के मरीज बढ़े हैं। मरीजों की संख्या पहले की अपेक्षा काफी अधिक हुई है। लेकिन मेले में मरीजों को सही ढंग से इलाज नहीं मिल पाता है। कई जगहों पर जांच का संकट मिला तो कहीं पर चिकित्सक सुबह आए और हाजिरी लगाकर कुछ ही देर में रवाना हो गए। इससे अस्पताल में मौजूद स्टॉफ ने मरीजों को दवा वितरित की। सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि अगर चिकित्सक लापरवाही कर रहे हैं तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी।