मिश्रिख निवासी आनंद पीठ में दर्द के चलते जिला अस्पताल में इलाज कराने आए थे। लाइन में लगकर पर्चा बनवा लिया। उसके बाद इलाज कराने पहुंचे तो चिकित्सकों ने पहले कोविड जांच करवाने की बात कही। इससे इनको दर्द सहन नहीं हुआ तो वापस लौट गए।
जांच के बाद भी हुए परेशान
खैराबाद इलाके के आमिर दांतों में दर्द के चलते जिला अस्पताल पहुंचे थे। कई बार यह दूसरे डॉक्टरों को दिखवा चुके थे। लेकिन फायदा नहीं हो रहा था। चिकित्सकों ने पहले कोविड जांच करवाने की बात कही। इससे लाइन में लगकर जांच करवाई। लेकिन जांच मंगलवार को न मिलने से वह लौट गए।
प्राइवेट में करवाया इलाज
सिकटिहा के अरविंद सीने में दर्द के चलते कई दिनों से परेशान हैं। इस पर जिला अस्पताल में फिजीशियन को दिखवाना चाहते थे। इसी उम्मीद से सुबह जल्दी अस्पताल आ गए थे। लेकिन वहां कोविड की जांच कराने में देर हो गई। उन्होंने बाहर जाकर प्राइवेट चिकित्सकों को दिखवाया।
सीतापुर। जिला अस्पताल में चिकित्सकों से इलाज कराने से पहले कोविड जांच मरीजों के लिए आफत बन गई है। जांच में देरी व खराब होती हालत मरीजों के लिए कष्टकारी हो गई है। दर्द से कराहते मरीज लाइन में लगकर जांच करवा रहे हैं। 24 घंटे बाद रिपोर्ट आने पर उनको इलाज मिल पा रहा है। इससे परेशान मरीज या तो प्राइवेट में इलाज करवाते हैं या अस्पताल की रिपोर्ट का इंतजार करते हैं। इसकी तस्दीक ऊपर दिए गए केस कर रहे हैं।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से जिला अस्पताल में मरीजों को इलाज से पहले कोविड जांच अनिवार्य कर दी गई है। ओपीडी में तभी चिकित्सक किसी मरीज को देखते हैं जब उनके पास कोविड जांच की निगेटिव रिपोर्ट होती है। यह व्यवस्था लागू किए हुए करीब एक सप्ताह बीत गया है। लेकिन अब यह जांच मरीजों के लिए मुसीबत बन गई है।
भले ही स्वास्थ्य विभाग गंभीर मरीजों के लिए इमरजेंसी में बिना जांच के इलाज मिलने की बात कह रहा हो, लेकिन हकीकत में यह व्यवस्था फेल नजर आ रही है। अमर उजाला के रियलटी में कई गंभीर मरीज दिखाई दिए। बोले, ओपीडी में जब चिकित्सक ने नहीं देखा, दर्द अधिक हो रहा था तो इमरजेंसी में गया। वहां पर भी रिपोर्ट न होने की बात कहकर वापस कर दिया। इससे मरीजों को यहां पर इलाज कराना मुश्किल हो रहा है।
कोविड के बढ़ते संक्रमण की वजह से ओपीडी में आने वाले मरीजों को पहले कोविड जांच करवानी होती है। अगर कोई गंभीर होता है तो वह इमरजेंसी में जाकर आसानी से दिखवा सकता है।
- डॉ. केडी पांडेय, सीएमएस जिला अस्पताल