परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों की अब ऑनलाइन हाजिरी होगी। यह उपस्थिति स्कूल खुलने के एक घंटे के अंदर एसएमएस से भेजी जाएगी। अगर निर्धारित समय के अंदर उपस्थिति भेजी नहीं गई तो विद्यालय को डिफाल्टर सूची में डाल दिया जाएगा।
एक महीने में पांच बार से अधिक रिपोर्ट न देने पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। यही नहीं अच्छा परफार्मेंस देने वाले विद्यालय पुरस्कृत होंगे। खास बात तो यह है कि इसे समाजवादी पेंशन योजना से भी जोड़ दिया गया है।
प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति को अगले तीन माह के दौरान कम से कम 75 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। शासन का मानना है कि छात्रों एवं अध्यापकों की नियमित उपस्थिति होने पर ही छात्रों में अपेक्षित सुधार संभव है।
इसी प्रकार आउट ऑफ स्कूल बच्चों का विद्यालय में नामांकन कराना व निरक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाना भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। जिसके तहत एनआईसी द्वारा विकसित उपस्थिति, नामांकन व साक्षरता मॉड्यूल का क्रियान्वयन किया जाना है।
उपस्थिति मॉड्यूल के तहत नौनिहालों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जाएगी। यह उपस्थिति विद्यालय खुलने के एक घंटे के अंदर एसएमएस के माध्यम से दर्ज होगी। अगर एक घंटे से अधिक का समय हो जाता है और दो घंटे से कम होता है।
ऐसी स्थिति में उपस्थिति तो दर्ज हो जाएगी, लेकिन विद्यालय को डिफाल्टर सूची में शामिल कर दिया जाएगा। दो घंटे बाद विद्यालय की उपस्थिति शून्य मान ली जाएगी। उसके बाद एमडीएम सहित अन्य लाभ नहीं मिलेंगे।
ऐसा ही एक माह में पांच बार से अधिक कारनामा करने पर विद्यालय को डिफाल्टर मानते हुए शिक्षक के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी। आलाधिकारियों द्वारा औचक मुआयना भी किया जाएगा।