रामपुर मथुरा (सीतापुर)। एक बालक को सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी हो रही थी। तभी कावड़ियों का एक जत्था डीजे बजाते हुए निकला। लोगों ने डीजे बजाने से रोका तो विवाद हो गया। कुछ ही देर में दोनों पक्षों में पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने दोनों पक्षों के कई लोगों को पकड़ लिया। मामले में क्रॉस केस दर्ज किया गया।
इस कार्रवाई के बाद सोमवार रात को मामला शांत हो गया। सुबह जब त्यागी जी महाराज हजारों लोगों के साथ धरने पर बैठे तो मामले ने फिर तूल पकड़ लिया। त्यागी जी महाराज को मनाने पहुंची पुलिस पर गुस्साए लोगों ने पथराव कर दिया। एक पुलिस कर्मी को पीट दिया।
मामला गंभीर होता देख पुलिस ने पकड़े गए कावड़ियों को छोड़ दिया। एसपी ने एसओ समेत चार पुलिस कर्मचारियों को लाइनहाजिर कर जांच के आदेश दिए हैं। एक कांवड़िये की हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ भेजा गया। रामपुर मथुरा क्षेत्र के खनेवा मितौरा गांव निवासी इकबाल के बेटे साहिबे आलम (8) की मौत हो गई थी।
उसे सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारियां चल रही थी। इस बीच कांवड़ियों का एक जत्था डीजे बजाते हुए निकल रहा था। मृतक के परिवार के लोगों ने डीजे बजाने से मना किया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में तकरार हो गई। बात बढ़ने पर लाठी, डंडे और ईंट पथर चलने लगे।
हमले में पंडितपुरवा निवासी शिवकुमार चौहान गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे बाराबंकी से लखनऊ रेफर किया गया। हमले में तिलकराम, शिवकुमार, मकन्दर, ठाकुर प्रसाद, रामचंद्र, अंबर और दूसरे पक्ष के जहूर खां, इलियास, रऊफ आदि जख्मी हो गए।
खबर पाकर पहुंची पुलिस ने कांवड़ियों में जमुना प्रसाद, कमलेश, लक्ष्मण, अंग्रेज आदि को थाने में बंद कर दिया। दूसरे पक्ष के अली, सलमान, मुस्ताक, आलम, बाबू, कलीमुद्दीन, नूर मोहम्मद, अशरफ को पकड़ा गया। एक पक्ष से जहूर व दूसरे पक्ष से करन की ओर क्रास केस दर्ज कराया गया।
बताते हैं कि सुबह हालात सामान्य थे, लेकिन आठ बजे जब इसी मामले में श्रीश्री 1008 श्री त्यागी जी महराज व सेवता विधायक ज्ञान तिवारी राधाकृष्ण मंदिर प्रांगण में धरने पर बैठ गए तो मामले ने फिर तूल पकड़ लिया। धरने पर बैठ कर कांवड़ियों को छुड़ाने व सभी आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करने लगे।
इस बीच एडीएम विनय पाठक, एएसपी मधुवन सिंह, सीओ व कई थानों की फोर्स पहुंच गई। इससे पहले पुलिस कर्मियों ने धरना स्थल पर पहुंच कर उन्हें मनाने की कोशिश की तो गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव व हंगामा देख पुलिस भाग खड़ी हुई। एक पुलिस कर्मी की पिटाई भी कर दी।
जब आला अफसर बीच में आए तो मांग के मुताबिक एसओ ओपी राय, एसआई बृजेन्द्र यादव, कांस्टेबल राजितराम व इम्तियाज अली को लाइनहाजिर कर दिया गया। पकड़े गए कांवड़िये छोड़ दिए गए। दूसरे पक्ष के करीब 50 लोगों पर मुकदमा पंजीकृत कर किया गया। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
एहतियातन गांव में तैनात की गई है फोर्स
एसपी एलआर कुमार ने बताया कि डीजे को लेकर दो समुदायों में विवाद हुआ था। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। कुछ लोग घायल हुए थे।
सुबह कुछ लोग कहने लगे एक कांवड़िये की मौत हो गई, लेकिन ऐसा नहीं था। जख्मी कांवड़ियों को पहले बाराबंकी फिर लखनऊ रेफर किया गया।
धरना देकर पुलिस पर सही कार्रवाई न करने का आरोप लगाया गया। इसके लिए पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई है। गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।