पिता महेंद्र बाजपेयी अस्पताल पहुंचकर बेसुध हो गए। उनकी पत्नी भी दहाड़े मारकर रोने लगीं। राघवेंद्र के पिता पहले महोली मिल में पूजा पाठ करते थे। फिर उन्होंने विकास नगर में अपना मकान बनाया था। शव का एक्सरे होने के बाद अन्य परिजनों ने पुलिस को बताया है कि जब तक वारदात में शामिल लोग पकड़े नहीं जाते हैं, शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। वहीं, राघवेंद्र की मौत के बाद उनके दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। उनके एक बेटा व एक बेटी है। दोनों अन्य परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे। घरवालों को रोता देखकर मासूम अस्मिता व आराध्य भी बिलखने लगे। राघवेंद्र के बड़े भाई वीरेंद्र की पूर्व में मार्ग दुर्घटना में मौत हो चुकी है। राघवेंद्र पर ही सबके पालन पोषण की जिम्मेदारी थी।
खंगाली जा रही मोबाइल की कॉल डिटेल, मिले हैं अहम साक्ष्य
राघवेंद्र की वैसे तो किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, लेकिन हाल ही में वह धान खरीद के सिंडीकेट व कुछ अन्य खबरों का प्रमुखता से प्रकाशन कर रहे थे। इसके बाद कई लोगों से उनको धमकियां मिलने लगी थीं। इस बात का जिक्र उन्होंने अपने नजदीकियों से भी किया था। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि उनकी कई खबरों से प्रशासनिक अधिकारियों व कुछ सरकारी कर्मचारियों की गर्दन फंसने लगी थी। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है।
अगर प्रशासनिक अधिकारी से मिलता, तो शायद कुछ बताता...
राघवेंद्र शनिवार को सदर तहसील के एक अधिकारी से मिलना चाहते थे। बता दें कि माह का दूसरा शनिवार होने के कारण कई सरकारी दफ्तर बंद थे। सूत्रों के अनुसार ऐसे में एक प्रशासनिक अधिकारी से व्हाट्सएप पर मेसेज पर राघवेंद्र ने मिलने की इच्छा जाहिर की थी। अधिकारी ने दोपहर दो बजे के बाद मिलने की बात कही थी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी तक पहुंचने से पहले ही राघवेंद्र बदमाशों की गोलियों का शिकार हो गए। माना जा रहा है कि अगर राघवेंद्र उनसे मिल पाते तो शायद कुछ बताते।
आईजी रेंज प्रशांत कुमार ने की परिवारजनों से मुलाकात।
- फोटो : अमर उजाला।
पोस्टमार्टम हाउस पर राघवेंद्र के परिजनों की नाराजगी पुलिस को झेलनी पड़ी। परिजनों ने कहा कि अगर कोई ठोस कार्रवाई जल्द नहीं की गई तो सुबह वह शव को अंतिम संस्कार के लिए नहीं ले जाएंगे।
डीजीपी बोले- आईजी रेंज लखनऊ करेंगे जांच की निगरानी
घटना के बाद आईजी रेंज लखनऊ व एसपी सीतापुर को घटना के जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं। आईजी रेंज प्रशांत कुमार द्वितीय की निगरानी में राघवेंद्र हत्याकांड की जांच होगी। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यालय से भी इस पूरे मामले की निगरानी की जाएगी। - प्रशांत कुमार, पुलिस महानिदेशक