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Sitapur Murder Case : आखिर किसने दी राघवेंद्र की लोकेशन, जमीन की हेराफेरी से जुड़ रहे हैं तार

Sun, 09 Mar 2025 10:04 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, सीतापुर

सार

Journalist murdered in Sitapur: परिजनों की मानें तो राघवेंद्र के नंबर पर सीतापुर से ही एक कॉल आई थी। इसके बाद वह घर से निकले थे। उन्हें शक है कि बदमाशों ने राघवेंद्र का घर से ही पीछा करना शुरू किया। 
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घटना के बाद घर में जमा हुए लोग। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद पुलिस टीमें खुलासे के लिए सक्रिय हो गईं हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ घटना के समय इलाके में सक्रिय मोबाइल फोन नंबर जुटाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जिस हिसाब से राघवेंद्र की हत्या हुई है, उससे साफ जाहिर है कि आरोपियों के पास राघवेंद्र की सटीक लोकेशन थी। पुलिस ने इसलिए राघवेंद्र के घर से घटनास्थल व उससे आगे जाने वाले मार्गाें पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला है। पुलिस इसी दिशा में जांच के साथ आगे बढ़ रही है। राघवेंद्र की धान खरीद के सिंडीकेट व जमीनों की हेराफेरी से जुड़ी खबरों में शामिल लोग भी पुलिस के रडार पर हैं। एसपी चक्रेश मिश्रा ने बताया कि खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच के साथ चार टीमें लगाई हैं। कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज व अन्य बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। राघवेंद्र के मोबाइल फोन को भी खंगाला जा रहा है।

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परिजनों की मानें तो राघवेंद्र के नंबर पर सीतापुर से ही एक कॉल आई थी। इसके बाद वह घर से निकले थे। उन्हें शक है कि बदमाशों ने राघवेंद्र का घर से ही पीछा करना शुरू किया। इसके बाद इमलिया सुल्तानपुर क्षेत्र में पड़ने वाले हेमपुर ओवरब्रिज पर वारदात को अंजाम दिया। जिस ढंग से घटना को अंजाम दिया गया है, उससे जाहिर है कि पहले राघवेंद्र को रोका गया होगा। अगर ऐसा न होता तो बाइक के घटनास्थल पर रगड़ने के साक्ष्य व राघवेंद्र के शरीर पर भी चोट लगने के निशान मिलते लेकिन ऐसा नहीं है। राघवेंद्र के फोन में लगे पैटर्न लॉक को पुलिस एक्सपर्ट की मदद से खोलने का प्रयास कर रही है।

चार राउंड गोलियों के चलने की सुनी आवाज
स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने करीब चार राउंड गाेलियां चलने की आवाज सुनीं। लोग पुल की ओर दौड़े लेकिन तब तक बदमाश घटना को अंजाम देकर मौके से भाग चुके थे। यूपी 112 की टीम पहुंची तो उन्होंने घटना को सड़क हादसा समझकर राघवेंद्र को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया। वहां चिकित्सकों को राघवेंद्र के सिर पर चोट और सीने पर बारूद मिली। जांच में बाएं हाथ की आस्तीन में एक गोली फंसी मिली। इससे स्पष्ट हो गया कि गोली मारकर ही राघवेंद्र की हत्या की गई। फिर शव को एक्सरे के लिए लाया गया। जांच में एक गोली पीठ व दाहिनी कनपटी पर मारे जाने का निशान था। साथ ही बाएं व दाहिने हाथ की हथेली पर भी गोली के निशान मिले। जिला अस्पताल के चिकित्सक ने बताया कि देखने से लग रहा है कि पत्रकार को चार गोलियां मारी गईं थीं।
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बेसुध हुए पिता, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : amar ujala
पिता महेंद्र बाजपेयी अस्पताल पहुंचकर बेसुध हो गए। उनकी पत्नी भी दहाड़े मारकर रोने लगीं। राघवेंद्र के पिता पहले महोली मिल में पूजा पाठ करते थे। फिर उन्होंने विकास नगर में अपना मकान बनाया था। शव का एक्सरे होने के बाद अन्य परिजनों ने पुलिस को बताया है कि जब तक वारदात में शामिल लोग पकड़े नहीं जाते हैं, शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। वहीं, राघवेंद्र की मौत के बाद उनके दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। उनके एक बेटा व एक बेटी है। दोनों अन्य परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे। घरवालों को रोता देखकर मासूम अस्मिता व आराध्य भी बिलखने लगे। राघवेंद्र के बड़े भाई वीरेंद्र की पूर्व में मार्ग दुर्घटना में मौत हो चुकी है। राघवेंद्र पर ही सबके पालन पोषण की जिम्मेदारी थी।

खंगाली जा रही मोबाइल की कॉल डिटेल, मिले हैं अहम साक्ष्य
राघवेंद्र की वैसे तो किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, लेकिन हाल ही में वह धान खरीद के सिंडीकेट व कुछ अन्य खबरों का प्रमुखता से प्रकाशन कर रहे थे। इसके बाद कई लोगों से उनको धमकियां मिलने लगी थीं। इस बात का जिक्र उन्होंने अपने नजदीकियों से भी किया था। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि उनकी कई खबरों से प्रशासनिक अधिकारियों व कुछ सरकारी कर्मचारियों की गर्दन फंसने लगी थी। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है।

अगर प्रशासनिक अधिकारी से मिलता, तो शायद कुछ बताता...
राघवेंद्र शनिवार को सदर तहसील के एक अधिकारी से मिलना चाहते थे। बता दें कि माह का दूसरा शनिवार होने के कारण कई सरकारी दफ्तर बंद थे। सूत्रों के अनुसार ऐसे में एक प्रशासनिक अधिकारी से व्हाट्सएप पर मेसेज पर राघवेंद्र ने मिलने की इच्छा जाहिर की थी। अधिकारी ने दोपहर दो बजे के बाद मिलने की बात कही थी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी तक पहुंचने से पहले ही राघवेंद्र बदमाशों की गोलियों का शिकार हो गए। माना जा रहा है कि अगर राघवेंद्र उनसे मिल पाते तो शायद कुछ बताते।

पोस्टमार्टम हाउस पर पुलिस को झेलना पड़ी नाराजगी

आईजी रेंज प्रशांत कुमार ने की परिवारजनों से मुलाकात। - फोटो : अमर उजाला।
पोस्टमार्टम हाउस पर राघवेंद्र के परिजनों की नाराजगी पुलिस को झेलनी पड़ी। परिजनों ने कहा कि अगर कोई ठोस कार्रवाई जल्द नहीं की गई तो सुबह वह शव को अंतिम संस्कार के लिए नहीं ले जाएंगे।

डीजीपी बोले- आईजी रेंज लखनऊ करेंगे जांच की निगरानी
घटना के बाद आईजी रेंज लखनऊ व एसपी सीतापुर को घटना के जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं। आईजी रेंज प्रशांत कुमार द्वितीय की निगरानी में राघवेंद्र हत्याकांड की जांच होगी। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यालय से भी इस पूरे मामले की निगरानी की जाएगी। - प्रशांत कुमार, पुलिस महानिदेशक
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जानिए कब क्या हुआ

दोपहर करीब 2 बजे: राघवेंद्र के मोबाइल पर एक कॉल आया।
दोपहर करीब 2:30 बजे: राघवेंद्र सीतापुर के लिए निकले।
दोपहर करीब 3.15 बजे: राघवेंद्र हेमपुर ओवरब्रिज पहुंचे। वहीं, हमला हुआ।
दोपहर करीब 3.30 बजे: पीआरवी पहुंची और एंबुलेंस बुलाई गई।
दोपहर करीब 3: 45 बजे: राघवेंद्र को लेकर एंबुलेंस जिला अस्पताल पहुंची।
दोपहर करीब 3:50 बजे: राघवेंद्र को मृत घोषित किया गया।
 
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