सीतापुर। प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने शुक्रवार को एक निजी प्रतिष्ठान में पत्रकारों को विकसित भारत गारंटी फाॅर रोजगार व आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम (वीबी जीरामजी) योजना की बारीकियां बताईं। उन्होंने इसे मील का पत्थर बताया।
मंत्री ने कहा कि जीरामजी योजना भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को केवल कल्याण योजना के रूप में नहीं बल्कि विकास से जुड़ी गारंटी के रूप में स्थापित करना है। इसे विकसित भारत 2047 के अनुरूप बनाने के लिए प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मिलने वाला निश्चित रोजगार 100 दिनों से बढ़कर 125 दिन किया गया है। बताया कि इसमें 25 फीसदी की वृद्धि के साथ खेतिहर कार्यों के लिए 60 दिन आरक्षित किए गए हैं।
इस प्रकार यह कानून 185 दिनों की काम की गारंटी देता है। इस योजना में किसानों का विशेष ध्यान रखा गया है। इस दौरान जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, विपुल सिंह, विधायक मनीष रावत, विधायक रामकृष्ण भार्गव, विधायक शशांक त्रिवेदी व अन्य मौजूद रहे।
भ्रष्टाचार मुक्त होगी योजना, सात दिन के अंदर मिलेगी मजदूरी
प्रभारी मंत्री ने बताया कि यह योजना भ्रष्टाचार मुक्त होगी। अंत्योदय के आधार पर गांव के गरीब को उसका हक मिलेगा। पहले की योजना में भुगतान के लिए मजदूर को बहुत मशक्कत करनी होती थी। अब 7 दिनों के अंदर यदि भुगतान नहीं होता है तो ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। इससे भ्रष्टाचार पर भी नकेल कसी जाएगी।