सीतापुर। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत किसानों को आधुनिक और प्राकृतिक खेती की जानकारी देने के लिए चयनित कृषि सखियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। लखनऊ की नामित संस्था ने जिले में एक व्यक्ति को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंप दी, लेकिन उसकी कोई निगरानी नहीं की गई। अमर उजाला में इस गड़बड़ी को प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए हैं।
कृषि सखियों ने आरोप लगाया कि उन्हें शासन के निर्देशानुसार प्रशिक्षण नहीं दिया गया। प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी उद्यमिता विकास संस्थान, लखनऊ को दी गई थी, जिसने बिना किसी पर्यवेक्षण के एक व्यक्ति को प्रशिक्षण कार्य सौंप दिया। 16 अप्रैल को छठे बैच के अंतिम दिन, आने-जाने के किराए के भुगतान के लिए पेंसिल से पंजिका में हस्ताक्षर कराए गए, जो नियम विरुद्ध है।
इसके अलावा, जिन प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में कम दिन भाग लिया, उनसे भी पूरे सत्र के हस्ताक्षर करवाए गए।
जांच में पुष्टि :
प्रशिक्षण में गड़बड़ी की शिकायत ब्लॉक मिशन प्रबंधक और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से की गई थी। इसके बाद डीसी स्वत: रोजगार ने ग्राम विकास अधिकारी सुभाष कुमार दीक्षित से पूरे मामले की जांच कराई।
होगी कार्रवाई
जिला मिशन प्रबंधक ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित संस्था से जवाब तलब किया जाएगा। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।