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Sitapur News: मरी भैंस का इलाज मामले में जांच शुरू, डीएम ने कसे पेंच

Sat, 19 Jul 2025 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सपा कार्यालय ने मीडिया सेल पर साझा की खबर।
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सीतापुर। महोली के चठिया गांव में एक पशु चिकित्साधिकारी ने भैंस की मौत होने के करीब एक सप्ताह बाद कागजों में इलाज कर दिया। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में प्रमुखता से खबर का प्रकाशन किया। मामले का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने जांच के आदेश दिए हैं। शनिवार को समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने भी खबर को सोशल मीडिया पर साझा कर इस लापरवाह कार्यशैली पर सवाल लगाए।
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महोली के चठिया गांव निवासी अमलेश कुमार की भैंस ने 27 जून को एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद भैंस की बच्चेदानी बाहर निकल आई। पीड़ित अमलेश कुमार ने पशु चिकित्सा हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल किया। पीड़ित के अनुसार 27 जून को वह दोपहर 1 बजे से लगातार कॉल करता रहा। दोपहर 3 बजे टेलीकॉलर से बात हो सकी। 1 जुलाई को पीड़ित की भैंस की मौत हो गई।
पीड़ित के अनुसार उनकी भैंस की मौत पशुपालन विभाग और उससे संबंधित सेवा प्रदाता कंपनी 1962 की चिकित्सा सेवाएं न मिलने के कारण हुई हैं। बताया कि जब इसकी शिकायत अधिकारियों से की तो 8 जुलाई को एंबुलेंस लेकर चिकित्साधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने एंबुलेंस की फोटो खींचकर फर्जी निस्तारण आख्या लगा दी कि पशु का इलाज चिकित्सक ने कर दिया है। इस आख्या को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने भी प्रमाणित कर दिया। यह भी लिख दिया कि शिकायतकर्ता संतुष्ट है। जबकि 8 जुलाई को भैंस की मौत हुए एक सप्ताह का समय व्यतीत हो चुका था।
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