सीतापुर। गोंदलामऊ ब्लॉक की एक ग्राम पंचायत में जिम्मेदारों ने सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया। इस मामले में प्राथमिक जांच में प्रधान के दोषी पाए जाने पर उसके प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार भी सीज कर दिए गए। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई रोकते हुए अंतिम जांच कराई गई। इसमें भी धनराशि का दुरुपयोग पाया गया लेकिन दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी तरह चार अन्य ग्राम पंचायतों में भी दोषियों पर कार्रवाई न करना चर्चा का विषय बना है।
मामला ग्राम पंचायत रामगढ़ से जुड़ा है। यहां इंटरलाकिंग, हैंडपंप मरम्मत, आरसीसी व नाली निर्माण आदि कार्यों की धनराशि का दुरुपयोग किया गया। इसकी जांच जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी और यहां के अभियंता ने किया। इसमें पांच लाख 64 हजार 448 रुपये दुरुपयोग किया जाना पाया गया। बताते हैं कि इसकी रिपोर्ट कई माह पहले जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजी जा चुकी है। इसके बाद भी इस प्रकरण में कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारों के अनुसार इसके पहले की जांच में भी धनराशि का दुरुपयोग होने पर कार्रवाई की गई थी।
इसके बाद पूरी कार्यवाही रोक दी गई थी। इसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत हिंडौरा में जांच में दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई नहीं की गई है।