सीतापुर। खैराबाद टोल प्लाजा से रविवार सुबह करीब साढ़े चार बजे क्षेत्रीय वन अधिकारी सदर सुयश श्रीवास्तव व यूपी एसटीएफ की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय पक्षी तस्कर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 177 प्रतिबंधित तोते बरामद हुए हैं। आरोपी के विरुद्ध गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि लखीमपुर खीरी के शारदानगर क्षेत्र के बेलपुरवा निवासी राजन को चेकिंग के दौरान खैराबाद टोल प्लाजा पर रोका गया। उसके पास से रोज रिंग्ड पैराकीट की प्रतिबंधित प्रजाति के 177 तोते बरामद किए गए। उसने बताया कि उसका गिरोह प्रतिबंधित व संरक्षित पक्षियों को खीरी के जंगलों इकट्ठा करता है। इसके बाद लखनऊ, बंगाल, बिहार, दिल्ली व अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचता है।
इससे पूर्व वह कई प्रतिबंधित पक्षियों व जीवों की सप्लाई कर चुका है। उसके विरुद्ध खैराबाद थाने में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाकर भी कार्रवाई की जाएगी। इन प्रतिबंधित प्रजाति के तोतों को सदर रेंज में ही सुरक्षित ढंग से रखा गया है। सक्षम मजिस्ट्रेट से सोमवार को अनुमति मिलने के बाद 177 तोतों को उनके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जाएगा।
जागरूकता की कमी बना देगी अपराधी, रहें सतर्क
वन क्षेत्राधिकारी सदर सुयश श्रीवास्तव ने बताया कि ये तोते दुर्लभ पक्षी व जीव वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत अति संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इन्हें या किसी भी स्वदेशी जंगली जीव को पालना अपराध है। पक्षियों में सभी भारतीय तोते, पहाड़ी मैना, उल्लू, मुनिया, नीलकंठ, बाज व मोर शामिल हैं। इसके साथ स्टार कछुआ, इंडियन रूफ्ड टर्टल, सांप और इगुआना (बिना पंजीकरण), नेवला, गिलहरी, बंदर, लंगूर, साही और जंगली खरगोश आदि को पालना गैर कानूनी है।
वर्ष 2022 के नए नियमों के अनुसार, यदि आप कोई विदेशी जीव (अफ्रीकन पैरट, विदेशी कछुए या मकड़ियां) पालते हैं तो परिवेश पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। बिना पंजीकरण ज़ब्तीकरण व जुर्माने की कार्रवाई होगी। वन्यजीव कानून के तहत तीन से सात साल तक की जेल और एक लाख रुपये या अधिक का जुर्माना हो सकता है। यह गैर जमानती अपराध है।