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कूलर में करंट उतरने से मासूम की मौत

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पिसावां (सीतापुर) घर में खेलते समय ग्राम प्रधान के दो साल के बेटे की कूलर में करंट उतरने से उसकी चपेट में आकर मौत हो गई। वह मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव में भी मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
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पिसावां इलाके के बराहमऊ निवासी प्रधान मुन्नाखां बीती शाम अपने साथियों के साथ घर पर बैठे थे। सभी लोग आपस में बातचीत कर रहे थे। उनका दो साल का बेटा फैजखान घर में ही खेल रहा था। खेलते समय वह कूलर के पास पहुंच गया। कूलर में करंट उतर रहा था। संपर्क में आते ही वह कूलर में चिपक गया।
अचानक तेज आवाज सुनकर सभी दौड़े लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुका था। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन मौके पर ही बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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हर ओर गम, हर आंख नम
बच्चे की मौत के बाद गांव में हर ओर गम ही गम है और हर किसी की आंखें नम हैं। जिन्होंने कलेजे के टुकड़े को खोया है, उनका हाल बेहाल है, साथ ही गांव के लोग भी गमगीन हैं। हर किसी की आंख से आंसू बह रहे हैं। चाहकर भी लोग खुद को रोक नहीं पा रहे है। ऐसा होना भी लाजिमी है। दो साल के दुधमुंहे की मौत ने मां-बाप को पूरी तरह से तोड़ दिया है।
हर कोई मां-बाप को दिलासा दे रहा था। उन्हें शांत कराने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मां-बाप का दिल कैसे शांत होता ? जिन्होंने इकलौते बेटे के लिए न जाने कौन-कौन सपने संजो रखे थे। एक पल में ही सबकुछ खत्म हो गया। वह मां-बाप आखिर कैसे शांत होते ? रुक-रुककर कलेजे से हूक उठ रही थी।
बड़ी मन्नतों से बेटे का मिला था सुख
प्रधान मुन्ना खां और उनकी पत्नी के चार बेटियां हैं, लेकिन एक बेटे के लिए मां-बाप तरस गए थे। कई सालों तक बेटा नहीं हुआ। इसके लिए दंपती ने क्या, कुछ नहीं किया। पीर, बाबा से लेकर मस्जिद, मजार तक नहीं बची, जहां पर अरदास न लगाई हो, लेकिन बड़ी मन्नतों के बाद ऊपर वाले ने दंपती की अरदास सुनी। दो साल पहले मुन्ना खां की पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया। पर विधि ने कुछ और ही लिख रखा था।
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