विकास खंड कसमंडा की ग्राम पंचायत सरैंया के उचित दर विक्रेता पर खाद्यान्न वितरण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने काय्रवाही की मांग की र्ह।
ग्रामीणों का आरोप है कि वह निर्धारित मूल्य से अधिक वसूलता है। इसके बावजूद कार्डधारक पूरा राशन नहीं पाते हैं। उन्हें कम राशन दिया जाता है।
विगत अप्रैल माह का केरोसिन वितरित ही नहीं किया गया। कोटेदार की मनमानी से ग्रामीणों को छुटकारा दिलाने के लिए ग्राम प्रधान ने एसडीएम, जिला पूर्ति अधिकारी व डीएम को प्रार्थना पत्र देकर जांच व कार्रवाई की गुहार लगाई।
पर कोटेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने से उसके हौसले बुलंद हैं। ग्राम प्रधान सोहन के मुताबिक कोटेदार शत्रोहन पर सत्ता पक्ष के एक स्थानीय नेता का वरदहस्त है।
इसी वजह से अधिकारी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वितरण में अनियमितता के चलते जब वह रजिस्टर पर हस्ताक्षर न करने की बात कहते हैं, तो कोटेदार से जुड़े सत्ता पक्ष के नेता उसे धमकाते हैं।
क्षेत्र पंचायत सदस्य रामसेवक बताते हैं कि राशन, चीनी व तेल का वितरण महीने में एक या दो बार ही किया जाता है। जिससे अधिकांश ग्रामीण राशन, तेल व चीनी पाने से वंचित रह जाते हैं।
ग्रामीण रामआसरे, लल्लू, उमाशंकर, रामकली, मोहन, शोभे आदि ने कोटेदार की मनमानी कार्यशैली की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।