himachal pradesh state education regulatory commission
- फोटो : Demo Pic
अब 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को एक समान आय का प्रमाणपत्र लगाना होगा। वर्गवार आय की सीमा को समाप्त कर दिया गया है। सभी वर्गों के लिए आय सीमा दो लाख निर्धारित की गई है।
इससे सभी विद्यार्थियों को एक समान छात्रवृत्ति मिलेगी। सबसे अधिक फायदा सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को मिलेगा। कारण यह है कि इस वर्ग की आय सीमा सबसे कम 19 हजार निर्धारित थी। ऐसे में करीब दो लाख विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा।
9वीं व 10वीं के विद्यार्थियों को पढ़ाई में आर्थिक सहूलियत मिल सके, इसके लिए शासन की तरफ से छात्रवृत्ति दी जाती है। ये छात्रवृत्ति परिवार की आय के अनुसार मिलती है। अब तक सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शहरी क्षेत्र में 19 हजार व ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए 25 हजार निर्धारित थी।
इस केटेगरी में आने वाले विद्यार्थियों को ही छात्रवृत्ति मिलती थी। वहीं एससी/एसटी केटेगरी के विद्यार्थियों के लिए एक लाख व ओबीसी के लिए तीस हजार रुपये निर्धारित थी। आय की सीमा अलग-अलग होने से तमाम छात्र छात्रवृत्ति पाने से वंचित रह जाते थे। सबसे अधिक दिक्कत सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को होती थी।
इस वर्ग की आय सीमा सबसे कम थी। इसको देखते हुए शासन ने एक समान आय सीमा करने का फैसला किया है। जिसके तहत सभी वर्गों की आय सीमा दो लाख निर्धारित की गई है। इस आय वाले सभी वर्गों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। हालांकि मौजूदा समय में छात्रवृत्ति सभी वर्गों के विद्यार्थियों को एक समान 720 रुपये दी जा रही है।