जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट पर दीवानी न्यायालय में गहमागहमी का माहौल रहा। लेखपालों के समर्थन में राज्य कर्मचारी भी उतर आए। इन लोगों कार्य बहिष्कार कर हड़ताल करते हुए कार्रवाई के लिए 36 घंटे की चेतावनी दी है। दूसरी तरफ अधिवक्ताओं ने भी प्रदर्शन करते हुए, एसपी कार्यालय के सामने जुलूस निकाला और ज्ञापन सौंपा।
इन प्रदर्शनों के कारण न्यायिक व राजस्व संबंधी कामकाज पूरी तरह बाधित रहा। शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने सदर तहसील में तैनात लेखपाल अभिषेक मिश्र की पिटाई कर दी थी। इसके विरोध में लेखपाल संघ के साथ उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ भी उतर आया।
कर्मचारियों ने अपने दफ्तरों में ताला लगाकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। वहीं जलूस निकालकर लेखपाल की पिटाई करने के मामले में नामजद अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई के लिए 36 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। कहा कि यदि इस समय के अंदर कार्रवाई नहीं होती है, तब आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वहीं यह भी मांग की कि कलेक्ट्रेट परिसर में बगैर किसी समुचित कारण के लाइसेंसी शस्त्र धारकों प्रवेश न हो। उधर, दीवानी न्यायालय में बार एसोसिएशन अध्यक्ष देवभानु सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसके बाद अधिवक्ताओं का समूह सड़क पर पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करता हुआ, एसपी कार्यालय पर पहुंचा। यहां पर अधिवक्ताओं ने एसपी को बताया कि लेखपाल अभिषेक मिश्रा ने अधिवक्ता राकेश कुमार चौधरी से घूंस मांगी।
घूंस न देने पर अभद्रता की और धक्कामुक्की की। इसलिए लेखपाल के खिलाफ उचित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जाए। करीब एक घंटे तक एसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने के बाद अधिवक्ताओं ने एसपी राजेश कृष्ण को ज्ञापन सौंपा। इस तनातनी को देखते ही प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम कर लिए थे।
शहर कोतवाली समेत कई थानों का पुलिस बल जिला मुख्यालय पर तैनात किया गया था। वहीं पीएसी के जवानों को भी सुरक्षा में लगाया गया था। सुबह 11 बजे से शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर ढाई बजे तक चलता रहा। इस दौरान न्यायिक व राजस्व कार्य दोनों ही बाधित रहे।